जिले के आबूरोड नगर पालिका चुनाव में वार्ड नंबर 23 से निर्दलीय प्रत्याशी जेलू कालबेलिया ने भाजपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों पर जबरदस्ती समर्थन दिलवाने का आरोप लगाया है। इस मामले में उनके द्वारा वार्ड में चुनाव निरस्त करवाने की मांग की गई है। निर्दलीय प्रत्याशी जेलू कालबेलिया का आरोप है कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ता उन्हें और उनके पति को घर से बाहर लेकर आए और जबरदस्ती भाजपा के चुनाव चिन्ह वाले पट्टे पहनाकर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करवाने की कोशिश की।
आरोप है कि इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। जेलू का कहना है कि उन्होंने किसी को कोई समर्थन नहीं दिया है तथा वे खुद चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर धनबल और प्रभाव का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रलोभन देने का आरोप लगाते हुए चुनावी नियमों के उल्लंघन की शिकायत भी की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल वार्ड-23 का यह विवाद चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच या कार्रवाई के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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वहीं वार्ड की एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी स्नेहा पांडे के भाजपा के समर्थन में सामने आए वायरल वीडियो के बाद भी विवाद गहरा गया। आबू स्वराज पार्टी के संस्थापक नयनेश खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि स्नेहा पांडे एक दिन पहले तक वार्ड में चुनाव प्रचार कर रही थीं लेकिन बाद में भाजपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने दबाव बनाकर उनसे समर्थन की घोषणा करवाई।
भाजपा प्रत्याशी ने आरोपों को किया अस्वीकार
हालांकि इस पूरे मामले में भाजपा प्रत्याशी भावना अग्रवाल ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक द्वेषता से प्रेरित हैं। उनका इन घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है और विरोधी पक्ष जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।