अच्छी खबर: राजस्थान में 552 एकड़ भूमि पर बनेंगे 3 निजी औद्योगिक पार्क, दौसा-बालोतरा-धौलपुर में निवेश की तैयारी
राजस्थान सरकार दौसा, बालोतरा और धौलपुर में करीब 552 एकड़ भूमि पर तीन निजी औद्योगिक पार्क विकसित करेगी। राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत ई-नीलामी हुई। पार्कों में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विस्तार
राजस्थान सरकार प्रदेश में तीन निजी औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए दौसा, बालोतरा और धौलपुर जिलों में करीब 552 एकड़ भूमि आवंटित करने जा रही है। यह आवंटन राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत किया जाएगा। योजना का उद्देश्य निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के विकास को गति देना और निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक माहौल तैयार करना है।
इन भूखंडों के आवंटन के लिए 15 सितंबर को ई-नीलामी आयोजित की गई थी। इससे पहले 27 अगस्त से 8 सितंबर के बीच इच्छुक निवेशकों से बयाना राशि जमा कराने के साथ ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
आवंटन प्रक्रिया में विभिन्न जिलों के भूखंडों के लिए निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी रही। दौसा जिले के राजाहेड़ा, गूढ़ा आशिकपुरा और नूरपुर में स्थित भूखंडों के लिए सात उद्यमियों ने नीलामी में बोली लगाई। वहीं, बालोतरा जिले के वेदरलाई क्षेत्र स्थित भूखंड के लिए पांच उद्यमियों ने बोली जमा की। धौलपुर जिले के बिजौली क्षेत्र स्थित भूखंड के लिए दो उद्यमियों ने प्रक्रिया में हिस्सा लिया। नीति के मॉडल-ए के तहत निवेशकों की यह भागीदारी निजी औद्योगिक पार्कों के विकास में उनकी रुचि को दर्शाती है।
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विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
सफल निजी विकासकर्ताओं को भूमि आवंटित होने के बाद औद्योगिक पार्कों में बुनियादी ढांचे का विकास करना होगा। इसके तहत सड़कों का निर्माण, जलापूर्ति, बिजली कनेक्शन, जल निकासी, वर्षा जल संचयन और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं विकसित करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा पार्क परिसर में साझा उपयोगिता केंद्र और प्लग-एंड-प्ले कार्यालय जैसी सुविधाएं भी स्थापित करनी होंगी। सरकार की निर्धारित शर्तों के अनुसार कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए हरित प्रोत्साहन का लाभ भी दिया जाएगा।
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राजस्थान सरकार का मानना है कि मॉडल-ए के तहत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। इन पार्कों के संचालन में आने से नए निवेश के अवसर पैदा होने के साथ औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और संबंधित क्षेत्रों के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।