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सीएम भजनलाल के गृह जिले में मेयर की कुर्सी का खेल पलटा: भाजपा के सामने निर्दलीय की चुनौती, कांग्रेस कहां?

Wed, 16 Sep 2026 04:58 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 16 Sep 2026 04:58 PM IST
सार

भरतपुर मेयर चुनाव में निर्दलीय पार्षद विचित्रा सिंह ने भाजपा के सामने चुनौती पेश की है। पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट की पत्नी विचित्रा ने कांग्रेस समर्थन का दावा किया है।

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Who Is Vichitra Singh? Independents’ Surprise Challenge to BJP in Bharatpur Mayor Race
भरतपुर मेयर चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भरतपुर नगर निगम में मेयर की कुर्सी के लिए सियासी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। भाजपा के सामने निर्दलीयों ने अपना उम्मीदवार उतार दिया है और इस दांव के केंद्र में हैं विचित्रा सिंह। वार्ड 17 से निर्दलीय पार्षद चुनी गईं विचित्रा सिंह ने बुधवार को मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल किया।

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विचित्रा सिंह की उम्मीदवारी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि वह भरतपुर के पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट की पत्नी हैं। भोंट खुद इस बार वार्ड 19 से निर्दलीय चुनाव हार गए, लेकिन उनकी पत्नी की जीत के बाद मेयर पद की दौड़ में एंट्री ने भरतपुर की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण खड़े कर दिए हैं। अब मुकाबला भाजपा की अनुराधा सिंह और निर्दलीय उम्मीदवार विचित्रा सिंह के बीच है।

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कौन हैं विचित्रा सिंह?
विचित्रा सिंह ने वार्ड 17 से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता है। चुनाव के बाद निर्दलीय पार्षदों के बीच बने समीकरण में उन्हें मेयर पद के लिए आगे किया गया। उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत उनका पारिवारिक राजनीतिक बैकग्राउंड है। उनके पति शिव सिंह भोंट भरतपुर के पूर्व मेयर रह चुके हैं और नगर निकाय की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। यानी विचित्रा सिंह भले ही पहली बार मेयर पद की दौड़ में उतरी हों, लेकिन उनके पीछे निकाय राजनीति का अनुभव रखने वाला परिवार है।

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पति चुनाव हारे, पत्नी मेयर की रेस में
इस चुनाव में शिव सिंह भोंट खुद वार्ड 19 से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर उनकी पत्नी विचित्रा सिंह वार्ड 17 से जीतकर पार्षद बनीं। अब वही विचित्रा सिंह मेयर पद के लिए मैदान में हैं।

यही वजह है कि भरतपुर में मेयर चुनाव को सिर्फ दो पार्षदों की व्यक्तिगत दावेदारी के रूप में नहीं देखा जा रहा। इसके पीछे निर्दलीय पार्षदों का समूह और शिव सिंह भोंट की स्थानीय राजनीतिक सक्रियता भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

शिव सिंह भोंट का पुराना राजनीतिक कनेक्शन
शिव सिंह भोंट 2014 में भाजपा के टिकट पर भरतपुर के मेयर रह चुके हैं। इसके बाद भी उनकी सक्रियता स्थानीय राजनीति में बनी रही। इस बार हालांकि उन्होंने निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल नहीं कर सके। लेकिन पत्नी विचित्रा सिंह की जीत के बाद वह फिर भरतपुर की मेयर की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। भोंट ने अपनी पत्नी के समर्थन में अलग-अलग दलों के पार्षदों के साथ संपर्क होने का दावा किया है। उनका कहना है कि कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय पार्षद उनके साथ हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया है कि भरतपुर के प्रमुख राजनीतिक चेहरों महाराज साहब विश्वेंद्र सिंह और सुभाष गर्ग का समर्थन भी उनके खेमे को हासिल है। हालांकि, ये सभी संबंधित पक्षों की ओर से किए गए राजनीतिक दावे हैं। मतदान के दौरान ही यह स्पष्ट होगा कि किस उम्मीदवार के पक्ष में कितने पार्षद खड़े होते हैं।

यह भी पढ़ें: राजस्थान निकाय चुनाव: निर्दलीयों के बढ़े वोट पर बोले विजय कौशिक, भाजपा-कांग्रेस को बताया चेतावनी

36 निर्दलीय पार्षदों ने बदल दिया पूरा गणित
भरतपुर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं। भाजपा 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है। कांग्रेस को सात सीटें मिली हैं, जबकि निर्दलीयों ने 36 वार्डों में जीत हासिल की है। बसपा और आरएलपी को एक-एक सीट मिली है। मेयर चुनाव में बहुमत के लिए 33 पार्षदों की जरूरत है।

विचित्रा सिंह का दावा- कांग्रेस हमारे साथ
नामांकन दाखिल करने के बाद विचित्रा सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस उनके साथ है। उन्होंने कहा कि उनका नामांकन निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर हुआ है, लेकिन कांग्रेस का समर्थन उन्हें प्राप्त है और उनका खेमा बोर्ड बनाने की स्थिति में है। उनके पति शिव सिंह भोंट ने भी दावा किया कि उनके पास बोर्ड बनाने के लिए जरूरी संख्या है। उनके अनुसार अलग-अलग दलों के पार्षद उनके संपर्क में हैं। भोंट ने भाजपा के कुछ पार्षदों के भी उनकी पत्नी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने का दावा किया है। भाजपा ने दूसरी ओर अपने पास बहुमत होने की बात कही है।

भाजपा ने अनुराधा सिंह को बनाया उम्मीदवार
भाजपा ने मेयर पद के लिए वार्ड 61 से लगातार दूसरी बार पार्षद चुनी गईं अनुराधा सिंह को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने नामांकन के बाद कहा कि भाजपा के पास जरूरी बहुमत है और मेयर बनने पर शहर के विकास कार्य उनकी प्राथमिकता होंगे।

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