विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राजस्थान विधानसभा में पारित राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 का स्वागत किया है। परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने मंगलवार को जोधपुर में पत्रकार वार्ता कर कहा कि यह कानून समाज की सुरक्षा और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की कि ऐसा ही कठोर कानून पूरे देश में लागू किया जाए।
सबसे कठोर और प्रभावी प्रावधान
परांडे ने बताया कि फरवरी 2025 में प्रस्तुत बिल से भी अधिक कठोर इस विधेयक में कई सख्त प्रावधान किए गए हैं। जबरन लालच या धोखे से कराए गए धर्मांतरण पर 7 से 14 साल की सजा और ₹5 लाख का जुर्माना होगा। वहीं, नाबालिग, महिला, एससी-एसटी व दिव्यांगजनों के धर्मांतरण पर 10 से 20 साल की कैद और ₹10 लाख का जुर्माना तय किया गया है।
सामूहिक धर्मांतरण के मामले में 20 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और न्यूनतम ₹25 लाख का जुर्माना होगा। विदेशी फंडिंग से कराए गए धर्मांतरण पर 10 से 20 साल की कैद और ₹20 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।
दोहराए गए अपराध पर आजीवन कारावास और ₹50 लाख तक का जुर्माना भी प्रावधानित है। खास बात यह है कि शादी के जरिए धर्मांतरण को अवैध घोषित किया जाएगा और धर्मांतरण कराने वाली संस्थाओं की संपत्ति जब्त करने तथा आवश्यकता पड़ने पर बुलडोजर कार्रवाई का प्रावधान भी शामिल है।
घर वापसी को नहीं माना जाएगा धर्मांतरण
विहिप नेता ने स्पष्ट किया कि घर वापसी को इस कानून के तहत धर्मांतरण नहीं माना जाएगा। इसके साथ ही धर्म परिवर्तन से 90 दिन पहले जिला कलेक्टर या एडीएम को सूचना देना अनिवार्य होगा। वहीं, धर्माचार्यों को भी 2 महीने पहले नोटिस देना होगा। सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती श्रेणी में होंगे।
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केंद्र सरकार से अपील
परांडे ने कहा कि यह कानून जनभावनाओं के अनुरूप है और जबरन या गुपचुप तरीकों से हो रहे धर्मांतरण पर कठोर अंकुश लगाएगा। उन्होंने इसे देश का सबसे सख्त कानून बताते हुए कहा कि यह विश्व हिंदू परिषद की पुरानी मांग थी, जिसे राजस्थान सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह कानून समाज की एकता और अखंडता बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगा।
अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
परांडे ने कहा कि कुछ पड़ोसी देशों में समाज को मार्केट की तरह देखा जाता है और वहां चुनी हुई सरकारों को हटाने तक की कोशिशें होती हैं। ऐसी शक्तियां भारत में भी हिंदुत्व के उदय को रोकना चाहती हैं, लेकिन इस तरह के सख्त कानून से समाज को सुरक्षित रखा जा सकेगा। मिलिंद परांडे ने कहा कि राजस्थान सरकार ने समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप कदम उठाया है। अब केंद्र सरकार को भी पूरे देश में ऐसा ही कानून लाना चाहिए।