साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। रविवार को जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान SIT और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम के साथ पाल रोड स्थित साध्वी प्रेम बाईसा के आश्रम पहुंचे और जांच शुरू की।
मीडिया से बातचीत में पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने बताया कि जांच टीम हर पहलू को बेहद बारीकी से देख रही है, ताकि कोई भी तथ्य छूट न जाए। इसी क्रम में टीम एक बार फिर मौके पर पहुंची है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम बोर्ड द्वारा कराया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ आईटी एक्सपर्ट की जांच, विसरा परीक्षण जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को जोड़कर पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए साध्वी प्रेम बाईसा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है। आवश्यक लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इन सभी बिंदुओं की संयुक्त जांच के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
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पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही मामले में स्थिति स्पष्ट होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उन्होंने बताया कि उसमें फिलहाल मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, इसलिए अब पैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान द्वारा गठित SIT की प्रमुख एसीपी छवि शर्मा हैं। टीम में शकील अहमद (थाना प्रभारी), राजीव भादू (थाना प्रभारी), प्राची गुर्जर (सब इंस्पेक्टर), राकेश (एएसआई, साइबर एक्सपर्ट) सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।
गौरतलब है कि 23 वर्षीय कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अब भी एक पहेली बनी हुई है। फिलहाल इंजेक्शन रिएक्शन को उनकी मौत की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।