नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण और चुनाव चिन्ह से जुड़े अथॉरिटी लेटर को लेकर भीलवाड़ा कांग्रेस में विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस की ओर से 70 वार्डों में 53 प्रत्याशियों को अथॉरिटी लेटर दिए जाने, जबकि 17 प्रत्याशियों को लेटर नहीं मिलने का मामला अब पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और पूर्व पार्षद मनोज पालीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अपने पत्र में मनोज पालीवाल ने आरोप लगाया है कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के सभी अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह से संबंधित आवश्यक अथॉरिटी लेटर उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे। उनके अनुसार 70 वार्डों में से सिर्फ 53 प्रत्याशियों को ही यह लेटर मिला, जबकि 17 प्रत्याशी इससे वंचित रह गए। पालीवाल का आरोप है कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों के बीच असंतोष की स्थिति बनी है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रदेश नेतृत्व पर भी लगाए गंभीर आरोप
पालीवाल ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। हालांकि डोटासरा की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पालीवाल का कहना है कि टिकट चयन की प्रक्रिया में पार्टी ने स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए पैनल और दावेदारों से आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई थी, इसलिए चुनाव चिन्ह से जुड़े दस्तावेजों के वितरण में पारदर्शिता जरूरी थी।
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धीरज गुर्जर के करीबी माने जाते हैं पालीवाल
मनोज पालीवाल को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में उनके द्वारा प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखे जाने से भीलवाड़ा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। भीलवाड़ा कांग्रेस में पूर्व मंत्री रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं। अब अथॉरिटी लेटर को लेकर उठे विवाद ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को और हवा दे दी है।
वार रूम विवाद के बाद फिर बढ़ी अंदरूनी खींचतान
कुछ दिन पहले जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस के वार रूम में भीलवाड़ा से जुड़े कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद की खबर सामने आई थी। इस दौरान रामलाल जाट और धीरज गुर्जर के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में तीखी बहस होने की बात कही गई थी। इस घटना के बाद अब नगर निगम चुनाव में अथॉरिटी लेटर का विवाद सामने आने से भीलवाड़ा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति फिर गरमा गई है।
राष्ट्रीय नेतृत्व से जांच की मांग
पालीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को भेजे पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और अथॉरिटी लेटर से वंचित 17 प्रत्याशियों को लेकर पार्टी आगे क्या निर्णय लेती है।