अलवर के NEB थाना पुलिस ने करीब 35 लाख रुपये की प्याज हेराफेरी और धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी फर्जी पहचान के जरिए खुद को दिल्ली की आजादपुर मंडी का बड़ा व्यापारी बताकर अलवर मंडी से छह ट्रक प्याज लेकर फरार हो गया था।
थाना प्रभारी एएसआई अजय कुमार ने बताया कि यह मामला नवंबर 2024 का है। उस समय कुछ लोगों ने अलवर की छोटेलाल एंड कंपनी से संपर्क किया और खुद को आजादपुर मंडी, दिल्ली का व्यापारी बताते हुए प्याज खरीदने का सौदा किया। आरोपियों ने कंपनी को आधार कार्ड और पता देकर भरोसे में लिया और लगभग छह ट्रक प्याज की सप्लाई प्राप्त कर ली। इस प्याज की कुल कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है। कुछ दिन बीतने के बाद जब कंपनी को भुगतान नहीं मिला तो मालिक ने NEB थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पाया गया कि आरोपियों द्वारा दिए गए आधार कार्ड और पता फर्जी हैं।
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पुलिस टीम जब दिल्ली की आजादपुर मंडी पहुंची तो जांच में खुलासा हुआ कि उक्त प्याज मंडी में पहले ही बेची जा चुकी है। मामले की तह तक जाने पर चार आरोपियों के नाम सामने आए, जिनमें दानिश, वसीम, अकरम और तालीम। पुलिस ने इनमें से मेरठ निवासी तालीम को गिरफ्तार कर लिया है। तालीम को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। उससे यह जानकारी जुटाई जा रही है कि प्याज को कहां और किसे बेचा गया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जिस व्यापारी ने इनसे प्याज खरीदी, उसने खरीद से पहले आरोपियों की जांच-पड़ताल की थी या नहीं।
गुजरात में भी की थी ठगी
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों ने गुजरात के एक व्यापारी के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की थी। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। NEB थाना पुलिस का कहना है कि बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।