{"_id":"6a96fbcd0c52e6160804095a","slug":"video-shahi-imam-makes-a-major-demand-upon-arriving-in-jalandhar-2026-09-01","type":"video","status":"publish","title_hn":"जालंधर पहुंचे शाही इमाम की बड़ी मांग, मुस्लिम समाज को मिलें 3-4 विधानसभा टिकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जालंधर पहुंचे शाही इमाम की बड़ी मांग, मुस्लिम समाज को मिलें 3-4 विधानसभा टिकट
पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी सानी लुधियानवी और मुस्लिम डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन अब्दुल बारी सलमानी सोमवार को जालंधर के अवतार नगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शिक्षा, पंजाबी भाषा, वक्फ संपत्तियों और केंद्रीय हज कमेटी से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे।शाही इमाम ने पंजाब सरकार से मुस्लिम समुदाय का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मालवा समेत कई ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां मुस्लिम उम्मीदवार जीतने की स्थिति में हैं। इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव में कम से कम 3 से 4 टिकट मुस्लिम समाज को दिए जाने चाहिए। उन्होंने आपसी भाईचारे और पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। शाही इमाम ने कहा कि धर्म और गोत्र अलग हो सकते हैं, लेकिन पंजाब की मिट्टी और मातृभाषा लोगों को आपस में जोड़ती है। उन्होंने इमामों से भी अपने उपदेश और बातचीत में पंजाबी भाषा को प्राथमिकता देने की अपील की।शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केवल कब्रिस्तानों की चिंता करने के बजाय समाज के जीवित लोगों के बेहतर भविष्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर कब्जों और कम होती आमदनी के कारण कई बड़े विकास कार्य और प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं।उन्होंने पंजाब सरकार से विधानसभा में बिल लाकर मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए प्रत्येक समुदाय के लिए 5-5 करोड़ रुपये का विशेष फंड जारी करने की मांग की। केंद्रीय हज कमेटी को लेकर शाही इमाम ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों से एक ही कंपनी को बार-बार ठेका दिया जा रहा है और इसमें हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। उनका कहना था कि कथित अनियमितताओं के कारण हाजियों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की मांग की। शाही इमाम ने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज ने कभी हज पर सब्सिडी की मांग नहीं की। उनके मुताबिक, पिछली सरकारों द्वारा सब्सिडी के नाम पर राशि एयर इंडिया को दी जाती थी। उन्होंने कहा कि यदि हज कमेटी हाजियों को उचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा सकती तो इसे भंग करने पर भी विचार किया जाना चाहिए और लोगों को उमराह की तरह निजी व्यवस्था के माध्यम से हज यात्रा करने का विकल्प दिया जा सकता है। अंत में उन्होंने बताया कि सभी जिलों के मुस्लिम नेताओं को अपनी-अपनी स्थानीय समस्याओं और मांगों की सूची तैयार कर सरकार तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।