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तेज बारिश से जगराओं अनाज मंडी में जलभराव, खुले में भीगी धान की फसल
82,150 क्विंटल धान की आमद, 73,780 क्विंटल की खरीद, लेकिन लिफ्टिंग सिर्फ 19,830 क्विंटल; शेडों में जगह की कमी से बढ़ी किसानों की चिंता
रविवार को हुई तेज बारिश ने जगराओं अनाज मंडी में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बारिश के बाद मंडी में जलभराव हो गया और खुले आसमान के नीचे रखी धान की बोरियां भीग गईं। मंडी में जगह की कमी के कारण हजारों बोरियां बारिश की चपेट में आईं। इससे फसल की सुरक्षा, जल निकासी और सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मार्केट कमेटी के सचिव कंवलप्रीत सिंह कलसी के अनुसार, जगराओं अनाज मंडी में अब तक 82,150 क्विंटल धान की आमद हो चुकी है। इसमें से 73,780 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि केवल 19,830 क्विंटल धान की लिफ्टिंग हुई है। खरीद और उठान के बीच बड़े अंतर के चलते मंडी में फसल का जमावड़ा बढ़ रहा है और किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खरीद ज्यादा, लिफ्टिंग कम; मंडी में बढ़ा दबाव
धान के सीजन के शुरुआती दौर में ही मंडी में फसल की आमद लगातार जारी है। खरीद के मुकाबले लिफ्टिंग कम होने से खरीदी गई धान की बोरियां मंडी में पड़ी हैं। शेडों के नीचे पहले से ही बोरियों के ढेर लगे होने के कारण काफी फसल खुले आसमान के नीचे रखनी पड़ रही है। रविवार को हुई तेज बारिश ने किसानों और आढ़तियों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
जल निकासी के लिए झालियां साफ, मोटर से निकाला पानी
बारिश के बाद मंडी की सड़कों पर पानी जमा होने से जल निकासी के इंतजामों पर सवाल उठने लगे। मार्केट कमेटी के सचिव कंवलप्रीत सिंह कलसी ने बताया कि पानी की निकासी के लिए सड़कों पर लगी झालियों को साफ करवाया जा रहा है। इसके अलावा मोटर लगाकर जमा पानी को बाहर निकाल दिया गया है।
हालांकि, बारिश के दौरान हुए जलभराव और खुले में रखी फसल के भीगने से मंडी में पानी की निकासी तथा फसल की सुरक्षा के लिए किए गए प्रबंधों की पर्याप्तता पर चर्चा शुरू हो गई है।
तिरपाल लेकर फसल बचाने में जुटे आढ़तियों के कर्मचारी
बारिश शुरू होते ही आढ़तियों के कर्मचारी धान की बोरियों को बचाने के लिए तिरपाल डालने में जुट गए। लेकिन शेडों में पहले से ही बोरियां भरी होने और पर्याप्त जगह नहीं मिलने के कारण खुले में रखी फसल को सुरक्षित रखना चुनौती बन गया। किसानों को आशंका है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम दोबारा खराब हुआ तो उनकी मेहनत से तैयार की गई उपज को और नुकसान पहुंच सकता है।
लिफ्टिंग तेज करने और पुख्ता इंतजाम की जरूरत
जगराओं अनाज मंडी में धान की लगातार बढ़ती आमद, खरीद और लिफ्टिंग के बीच अंतर तथा बारिश के बाद पैदा हुए हालात ने मंडी प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की उपज को नुकसान से बचाने के लिए धान की लिफ्टिंग तेज करना, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना और खुले में रखी फसल को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त तिरपाल व अन्य इंतजाम करना जरूरी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में मंडी प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या कदम उठाती हैं।
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