इंदौर नाके से रेलवे स्टेशन ब्रिज तक का मार्ग अब नई पहचान पाने की ओर बढ़ रहा है, जहां से हर दिन हजारों लोग गुजरते हैं। कोई मंदिर में दर्शन करने जाता है, कोई ट्रेन पकड़ने की जल्दी में निकलता है, तो कोई अपने कामकाज के लिए इसी रास्ते पर निर्भर रहता है। जर्जर सड़क, गड्ढों और रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने की परेशानी झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से लगभग चार किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन सीसी सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गड्ढों से मिलेगी राहत, सफर होगा आसान
इंदौर नाके से भूतेश्वर महादेव मंदिर, मठ मंदिर गजकेशरी कॉलोनी, गणेश मंदिर चौराहा, शुगर फैक्ट्री चौराहा और लुनिया चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन ब्रिज तक जाने वाला यह मार्ग लंबे समय से लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क की खराब हालत के कारण वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ता है। बारिश के दिनों में स्थिति और कठिन हो जाती है। गड्ढों के बीच से वाहन निकालना और सामने से आने वाले यातायात के बीच रास्ता बनाना लोगों की रोजमर्रा की चुनौती रही है। फोरलेन सीसी सड़क बनने से इस मार्ग को चौड़ा और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है। हालांकि, लोगों को वास्तविक राहत निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही मिल सकेगी।
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मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मिलेगी सुविधा
यह मार्ग केवल आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी है। प्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर और प्रसिद्ध गणेश मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालु इसी रास्ते से गुजरते हैं। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क की खराब हालत और यातायात का दबाव परेशानी बढ़ा देता है। बेहतर सड़क बनने से श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और परिवार के साथ मंदिर जाने वाले लोगों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण से शहर के इस हिस्से में आवागमन को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
सड़क के साथ विद्युतीकरण भी होगा
परियोजना की खास बात यह है कि इसमें सड़क निर्माण के साथ विद्युतीकरण का कार्य भी शामिल है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, मार्ग के कुछ हिस्सों में रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है। अंधेरे के कारण पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। ऐसे में सड़क के साथ रोशनी की बेहतर व्यवस्था होने से रात में आवाजाही अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, विद्युतीकरण के तहत कितने स्थानों पर और किस तरह की प्रकाश व्यवस्था की जाएगी, इसका विस्तृत विवरण सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
विधायक के प्रयासों से मिली परियोजना को मंजूरी
जानकारी के अनुसार, सीहोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदेश राय के प्रयासों से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर नाके से स्टेशन ब्रिज तक फोरलेन सीसी सड़क और विद्युतीकरण के लिए 44 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। अब लोक निर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण एजेंसी तय होने के बाद कार्य शुरू होने का रास्ता साफ होगा। शहरवासियों को अब उम्मीद है कि यह योजना कागजों से निकलकर जल्द जमीन पर उतरेगी और लंबे समय से चली आ रही परेशानी का स्थायी समाधान बनेगी।
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तेजी से बढ़ती कॉलोनियों को मिलेगा विकास का रास्ता
इंदौर नाके से गणेश मंदिर और रेलवे स्टेशन ब्रिज तक के आसपास के क्षेत्रों में बीते वर्षों में कॉलोनियों का विस्तार हुआ है। आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ चौड़ी और मजबूत सड़क की जरूरत भी बढ़ी है। ऐसे में फोरलेन निर्माण से स्थानीय निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ आसपास के क्षेत्र के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
रहवासियों को नई सड़क से बड़ी उम्मीद
मठ मंदिर गजकेशरी कॉलोनी निवासी राधेश्याम और गणेश मंदिर के पास रहने वाले राकेश वर्मा ने बताया कि इंदौर नाके से गणेश मंदिर तक का मार्ग काफी जर्जर और संकरा है। रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण भी लोगों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि फोरलेन सीसी सड़क बनने से क्षेत्रवासियों के साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।