महू-नीमच हाईवे पर आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। दो दिन पहले बाजेड़ा फंटे के पास एक वाहन की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई स्थानों पर अनेक हादसे हो चुके हैं। अनेक गांवों व स्थानों पर एक-तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए अंडरपास या सुरक्षा के अन्य इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसके कारण लोगों को रोड क्रॉस करने में तेज रफ्तार से जाते वाहनों से दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना रहता है। हादसों पर अंकुश लगाने व बाजेड़ा फंटे पर अंडरपास बनाने या अन्य कोई सुरक्षा के इंतजाम करने मांग को लेकर विद्यार्थियों, ग्रामीण व किसानों ने चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक जाम चलता रहा। तहसीलदार के आने पर किसानों व ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर चक्काजाम समाप्त किया।
ये भी पढ़ें- प्रदोष काल के बाद लक्ष्मी पूजन होता है शुभ और फलदायी, जानें कब मनाई जाएगी दीपावली
उल्लेखनीय है कि महू-नीमच हाईवे पर कई गांवों व गांवों के रास्तों पर अंडरपास नहीं होने से ग्रामीणों, किसानों व विद्यार्थियों को गांवों से हाईवे पर सीधे होकर दूसरी तरफ जाना पड़ता है। इसके कारण उनमें हादसे होने का अंदेशा बना रहता है तथा हादसे भी होते रहते है। इसलिए ग्रामीण अंडरवास बनाने व सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग करते रहते हैं। सोमवार सुबह करीब दस बजे जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष राजेश भरावा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी व किसान बाजेड़ा फंटे पर एकत्र हुए तथा रोड पर धरना देकर चक्काजाम कर दिया। बड़ी संख्या में छात्रएं भी रोड पर धरने पर बैठ गईं। सूचना मिलने पर नामली थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो प्रदर्शन कर रहे लोग एमपीआरडीसी के अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद रतलाम ग्रामीण तहसीलदार मौके पर पहुंची। किसान नेता राजेश भरावा व ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया।
किसान नेता राजेश भरावा ने बताया कि हाईवे पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। बाजेड़ा फंटे से आसपास के 20 से अधिक गांवों के लोग इधर से उधर जाते हैं। हाईवे पर एक-तरफ से दूसरी जाने के लिए किसानों, विद्यार्थियों व ग्रामीणों को जान खतरे में डालकर निकलना पड़ता है, क्योंकि हाईवे पर 120 से 150 की गति में वाहन दौड़ते रहते हैं। कई बार हादसे हो चुके हैं। लंबे समय से बाजेड़ा फंटे पर अंडरपास बनाने या पास में चैनल बनाकर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण मजबूर होकर किसानों, विद्यार्थियों व ग्रामीणों को चक्काजाम करना पड़ा। जल्द ही समस्या का निदान नहीं किया गया तो आगे बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।