मंडला जिले में फेल्सीफेरम मलेरिया से 18 वर्षीय युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में जांच, उपचार और मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष टीम भेजी है।
जानकारी के अनुसार, खारी बबलिया माल क्षेत्र के साजपानी गांव निवासी राहुल यादव रक्षाबंधन के मौके पर उज्जैन से अपने घर आया था। घर आने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे मंडला के कटरा अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। कटरा अस्पताल के निदेशक शिलानंद टोप्पो ने बताया कि राहुल यादव (18) को गुरुवार को गंभीर और बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। जांच के दौरान उसमें फेल्सीफेरम मलेरिया की पुष्टि हुई। युवक को तत्काल आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन रात करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई।
गांव में घर-घर होगी मलेरिया की जांच
युवक की मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने साजपानी गांव में टीम भेज दी है। सीएमएचओ डॉ. डी.जे. मोहंती ने बताया कि बीएमओ नारायणगंज और मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम गांव में घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच करेगी। टीम संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार के साथ ही ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेगी। इसके अलावा क्षेत्र में फॉगिंग और दवाओं के छिड़काव की भी व्यवस्था की जाएगी।
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निजी अस्पतालों से भी जुटाया जा रहा मरीजों का डेटा
सीएमएचओ ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर उल्टी-दस्त और मलेरिया के मरीजों की जानकारी प्रतिदिन जुटाई जा रही है। अब निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और लैब से भी मरीजों का डेटा लिया जा रहा है। जिले में मलेरिया की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए जिला स्तर पर एक कोर टीम भी गठित की गई है। यह टीम दिन में दो बार अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटाकर स्थिति की निगरानी करेगी।
अब तक करीब 40 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में मलेरिया की जांच के लिए लगातार ब्लड स्लाइड तैयार कर जांच की जा रही है। अब तक करीब 40 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है, जिनका उपचार जारी है। पूर्व से चिन्हित मलेरिया हॉटस्पॉट क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार या मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और समय पर उपचार लें।