मध्यप्रदेश के खंडवा नगर निगम में बुधवार दोपहर जमकर हंगामा हुआ। निगम में भ्रष्टाचार, सीवरेज योजना में गड़बड़ी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया और निगम के गेट पर धरना दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए प्रदर्शन को राजनीतिक कार्यक्रम करार दिया।
लोकतंत्र की हत्या और वोट चोरी का आरोप
खंडवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र की आत्मा को मारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में जनता की आवाज दबाई जा रही है। रघुवंशी ने कहा कि दो दिन का अल्टीमेटम देने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी प्रदर्शनकारियों की बात सुनने नहीं आया।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है और शकर तालाब सहित अन्य क्षेत्रों की महिलाएं इससे परेशान हैं। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में 42 हजार वोट काटे जाने का आरोप लगाते हुए इसे वोट चोरी और सत्ता हासिल करने की साजिश बताया। रघुवंशी ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर हाथ ठेले वालों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है। शहर में आवारा पशुओं का आतंक है और वृद्धों के लिए अच्छे बगीचों की भी कमी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अहंकार तो रावण का भी नहीं टिका था।
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सीवरेज प्रोजेक्ट में गड़बड़ी और रिश्वतखोरी का दावा
धरने में शामिल नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौड़ ने 252 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना में भारी भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन काम का आरोप लगाया। उन्होंने चिंता जताई कि इसकी वजह से खंडवा में इंदौर के भागीरथपुरा जैसी जहरीले पानी की स्थिति बन सकती है।
राठौड़ ने मांग की कि सीवरेज योजना को तत्काल बंद कर उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने नगर निगम में जन्म-मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर पैसे लिए जाने तथा कर्मचारियों को एनपीएस का पैसा नहीं मिलने का भी आरोप लगाया।
कमिश्नर का पलटवार, कहा- सब कुछ नियमानुसार
प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन लेने पहुंचीं खंडवा नगर निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने प्रदर्शन को महज एक 'पॉलिटिकल इवेंट' (राजनीतिक कार्यक्रम) बताया। कमिश्नर ने कहा कि वार्डों की मांगों और अन्य विकास कार्यों को नियमानुसार बजट प्रावधानों के तहत कराया जा रहा है।
पानी की समस्या के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि हर घर में नर्मदा का साफ पानी पहुंच रहा है और वह स्वयं भी इसी पानी का उपयोग कर रही हैं। सीवरेज योजना पर उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा तकनीकी प्रोजेक्ट है। इसमें काम कर रही कंपनी को अगले 10 साल तक मेंटेनेंस भी करना है और थर्ड पार्टी लगातार इसका निरीक्षण कर रही है।
कमिश्नर ने कहा कि सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। कच्ची सड़कों को मोटरेबल बनाया जाएगा, जबकि सीसी और बीटी सड़कों को पहले की तरह रिस्टोर किया जाएगा। विपक्षी पार्षदों के फोन नहीं उठाने के आरोपों को भी उन्होंने पूरी तरह बेबुनियाद बताया।