आलीराजपुर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में वित्तीय अनियमितता और गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां बैंक से 24 लाख 12 हजार 326 रुपये की नकद राशि गायब मिलने पर हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के बाद से कैशियर वेलसिंह पलासिया फरार चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के महाप्रबंधक आरजु इकबाल खान ने फरार आरोपी कैशियर और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
घटना के खुलासे को लेकर महाप्रबंधक खान ने जानकारी दी कि संबंधित शाखा द्वारा फंड रिलीज करने की मांग की गई थी, जबकि फंड मैनेजर को पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि ब्रांच में पर्याप्त फंड मौजूद है। इस पर संदेह होने पर बैंक प्रबंधन द्वारा एक विशेष दल को जांच के लिए मौके पर भेजा गया, जिसके बाद इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ। बैंक प्रबंधन की ओर से आरोपी कैशियर और अन्य दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
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जिला सहकारी बैंक में वित्तीय अनियमितताओं का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे लगभग दो वर्ष पूर्व भी बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। उस समय बैंक के एक अन्य कर्मचारी पर खाताधारकों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग करने और ग्राहकों के बैंक खातों से अवैध रूप से राशि निकालकर अपने निजी खातों में ट्रांसफर करने के गंभीर आरोप लगे थे। इस ताज़ा और बड़े गबन के सामने आने के बाद से बैंक के खाताधारकों और आम जनता के बीच गहरी चिंता के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
जारी आधिकारिक निलंबन आदेश के अनुसार, जामसिंह भाभर 20 फरवरी 2025 से अलीराजपुर शाखा के प्रभारी शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। उनकी पदस्थापना के दौरान ही लेखापाल सह कैशियर वेलसिंह पलासिया द्वारा 24 लाख 12 हजार 326 रुपये की नकद सिल्क का गबन कर वित्तीय अनियमितता को अंजाम दिया गया। बैंक सेवा नियम क्रमांक 52.1.1 के प्रावधानों के तहत श्री जामसिंह भाभर को अपने सक्षम नियंत्रण के अभाव, शाखा प्रबंधक के कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने तथा वित्तीय दुर्विनियोजन में संलिप्त पाए जाने पर दोषी माना गया है, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शाखा पेटलावद नियत किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

कैशियर वेलसिंह पलासिया