आलीराजपुर जिले के नानपुर में जनपद पंचायत सीईओ प्रिया काग ने गांधी तिराहे पर स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इसी दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भुगतान में हो रही देरी की समस्या सीईओ के सामने रखी। महिलाओं ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद समूह फाटा सहित कई समूहों को पिछले 11 माह से नियमित राशि नहीं मिली है।
समूह की अध्यक्ष और सचिवों ने सीईओ को बताया कि बच्चों के लिए पूरे महीने भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने के बावजूद कुछ समूहों के खातों में मात्र 20 से 65 रुपए तक की राशि पहुंची है। महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी कम राशि में बच्चों के भोजन और नाश्ते की व्यवस्था करना मुश्किल है। उनका कहना था कि 20 रुपए में तो एक दिन का पानी भी नहीं आता, फिर बच्चों के भोजन की व्यवस्था कैसे की जाए।
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400 रुपए की राशि भी नहीं मिली
महिलाओं ने ‘सांझा चूल्हा’ योजना के तहत मिलने वाली 400 रुपए की मासिक राशि का भुगतान भी लंबे समय से नहीं होने की शिकायत की। समूह सदस्यों के मुताबिक, भुगतान में लगातार देरी की समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारियों तक शिकायत की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। महिलाओं ने बताया कि अधिकारियों ने पहले 15 अगस्त तक समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय सीमा निकलने के बाद भी भुगतान की स्थिति जस की तस बनी हुई है। समूहों का कहना है कि उन्हें नियमित भुगतान के बजाय कई बार छह महीने से लेकर एक साल तक राशि का इंतजार करना पड़ता है।
स्वच्छता अभियान के बीच कचरा वाहन भी नहीं हुआ स्टार्ट
इधर, सीईओ के स्वच्छता अभियान के दौरान नानपुर में कचरा वाहन भी स्टार्ट नहीं हो सका। आखिरकार वाहन को धक्का देकर चालू करना पड़ा। इस स्थिति को लेकर भी सवाल उठे। ग्रामीणों ने सीईओ से नानपुर में जगह-जगह फैली गंदगी की शिकायत की और सार्वजनिक शौचालय जल्द बनवाने की मांग रखी। सीईओ ने ग्रामीणों और दुकानदारों को गंदगी नहीं फैलाने की समझाइश देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान सभी क्षेत्रों में चलाया जाएगा।
इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर प्रभारी शोभा भिंडे, सरपंच सकरी समरथ सिंह मोर्य सहित जनपद के स्वच्छता अभियान से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। समूहों की शिकायतें जिला स्तर तक पहुंचने और 15 अगस्त तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बावजूद 11 माह से अटकी राशि का भुगतान अब तक नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।