ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर रात के अंधेरे में भारी ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंचा कैसे? हादसे की वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है, इसे लेकर अब जांच तेज हो गई है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान सिंधिया हादसे को लेकर बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि मंदिर के समीप हुई यह दुर्घटना बेहद दर्दनाक है और उनका हृदय टूट गया है, क्योंकि यह हादसा उनके अपने शहर के परिवारों के साथ हुआ है।
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सिंधिया ने हादसे की परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात के अंधेरे में ट्रक को मंदिर तक प्रवेश कैसे मिला? ट्रक ग्वालियर कैसे पहुंचा और उसे मंदिर परिसर के नजदीक तक आने की अनुमति कैसे मिली, इसकी सख्त तहकीकात होनी चाहिए। हादसे की तकनीकी वजह भी अभी पूरी तरह साफ नहीं है। यह जांच का विषय है कि ट्रक का ब्रेक फेल हुआ था या हादसे के पीछे कोई दूसरी वजह थी। सिंधिया ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच होनी चाहिए, ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके।
उन्होंने बताया कि हादसे को लेकर मुख्यमंत्री से तीन बार चर्चा हुई है और उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्वालियर आने का आग्रह भी किया है। सिंधिया ने साफ शब्दों में कहा कि जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। हादसे के बाद पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई हुई है। मामले में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी जारी है।
घायलों के इलाज पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। जानकारी के मुताबिक हादसे के बाद कुल 31 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिनमें से 13 को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। फिलहाल तीन मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें एक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, जबकि दो मरीज आईसीयू में हैं। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि भारी ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार तक आखिर पहुंचा कैसे और उस वक्त सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? हादसे की जांच से इन सवालों के जवाब सामने आने का इंतजार है।