दमोह जिला अस्पताल में 24 घंटे के भीतर दो महिलाओं की प्रसव के बाद मौत हो गई। एक महिला के पेट में जुड़वा बच्चे थे, जिनकी भी मृत्यु हो गई। दूसरी महिला ने मंगलवार सुबह 8 बजे बच्चे को जन्म दिया, लेकिन दोपहर 2 बजे जबलपुर जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
परिजन शव लेकर लौटे, लेकिन पंचनामा और पोस्टमार्टम में देरी होने पर उन्होंने अस्पताल चौराहे पर शव रखकर विरोध किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए। करीब एक घंटे के विरोध के बाद नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने के बाद पंचनामा कराया गया। हटा ब्लॉक के गैसावाद निवासी साहिबा खान के जेठ वाहिद खान ने बताया कि उनकी बहू की यह पहली डिलीवरी थी। दो दिन पहले उसे अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टर ने नॉर्मल डिलीवरी की बात कही थी।
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सुबह आठ बजे तक नहीं पहुंचे डॉक्टर
मंगलवार सुबह 4 बजे डिलीवरी हुई, लेकिन आधे घंटे बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। स्टाफ ने डॉक्टर को फोन किया, लेकिन सुबह 8 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे। बाद में उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में जबेरा के पास उसकी मौत हो गई। दोपहर में शव अस्पताल लाने पर पंचनामा में देरी हुई, जिससे परिजन नाराज हो गए और विरोध करने लगे। बाद में तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद पंचनामा किया गया।