बुरहानपुर में बड़े बालाजी महाराज और ताप्ती मैया के मिलन की अनूठी धार्मिक परंपरा श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। सतीयारा घाट पर आयोजित तीन दिवसीय बालाजी मेले में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। ताप्ती नदी में भगवान बालाजी महाराज के शाही स्नान की परंपरा, भक्तों की आस्था और जय बालाजी के गूंजते जयकारों से पूरा घाट भक्तिमय हो उठा।
मान्यता है कि बड़े बालाजी महाराज ताप्ती मैया से मिलने सतीयारा घाट पहुंचते हैं। इस पावन अवसर पर भगवान के शाही स्नान के दौरान ताप्ती नदी में तीन डुबकी लगाने की परंपरा निभाई जाती है। श्रद्धालुओं ने भी पवित्र नदी में स्नान कर भगवान के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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चिवड़ा और दराबा प्रसाद का लगाया भोग
शाही स्नान के बाद शनिवार दोपहर 12 बजे भगवान बालाजी महाराज विशेष पंडाल में विराजमान हुए। सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन और अभिषेक कर चिवड़ा व दराबा प्रसाद का भोग लगाया। मान्यता के अनुसार, भगवान को प्रिय दराबा प्रसाद अर्पित कर भक्तों ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। वहीं, संतान सुख की कामना करने वाले श्रद्धालुओं को परंपरा के अनुसार नारियल भी वितरित किए गए।
आधी रात को निकली भगवान की नगर यात्रा
शनिवार रात करीब 12 बजे भगवान बालाजी महाराज हनुमानजी के वाहन पर विराजमान होकर सतीयारा घाट से श्रीजी मंदिर के लिए रवाना हुए। नगर भ्रमण के दौरान राजघाट, शनि मंदिर, फव्वारा चौक, गांधी चौक और पाण्डुमल चौराहे से होकर यात्रा निकली। मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर उनका स्वागत किया। जय बालाजी के जयकारों से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया।
कोजागरी पूर्णिमा पर श्रीकृष्ण रूप में देंगे दर्शन
रविवार, 25 अक्टूबर को कोजागरी पूर्णिमा के पावन अवसर पर बड़े बालाजी महाराज मंदिर परिसर स्थित चांदनी चौक में श्रीकृष्ण रूप में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इसके साथ ही 15 दिवसीय महोत्सव और चांदनी चौक मेले का विधिवत समापन होगा। बड़े बालाजी महाराज और ताप्ती मैया के मिलन की यह परंपरा बुरहानपुर की धार्मिक आस्था, संस्कृति और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को भक्ति और श्रद्धा का विशेष पर्व बना दिया।

भक्तोंं के लिए लगी स्वल्पहार की दुकान
भक्तों ने लगाई डुबकी
घाट पर पूजन करते भक्त