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ऊना में मौसम साफ होते ही खेतों में बढ़ी रौनक, बैरियां में आज पूरी होगी आलू की बिजाई
ऊना जिले में पिछले दो दिनों से मौसम साफ रहने के बाद खेतों में कृषि गतिविधियां तेज हो गई हैं। बारिश के कारण रुके काम को पूरा करने के लिए किसान सुबह से ही खेतों में जुटे हैं। कई क्षेत्रों में ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी से खेतों की जुताई के साथ आलू की बिजाई का काम तेजी से किया जा रहा है।
उपतहसील जोल की ग्राम पंचायत बैरियां में आलू की बिजाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। किसानों के अनुसार अधिकांश खेतों में काम पूरा हो चुका है और बाकी किसानों की बिजाई भी सोमवार को पूरी होने की उम्मीद है। मौसम खुलने से किसानों को लगातार खेतों में काम करने का समय मिल रहा है।
किसान प्रेम चंद ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश के कारण खेतों में नमी अधिक हो गई थी, जिससे आलू की बिजाई प्रभावित हुई। अब मौसम साफ होने के बाद किसान बिना समय गंवाए बिजाई पूरी करने में जुट गए हैं। उनका कहना है कि मौसम लगातार बदल रहा है, इसलिए तैयार खेतों में जल्द काम पूरा करना जरूरी है।
किसान कुलदीप सिंह ने बताया कि इस बार मौसम की अनिश्चितता के चलते किसान पहले की अपेक्षा ज्यादा सतर्क हैं। खेत की जुताई पूरी होते ही आलू का बीज डाल दिया जा रहा है, ताकि आगे बारिश होने पर कृषि कार्य प्रभावित न हो।
इस सीजन में किसानों को आलू की बिजाई के लिए पिछले साल की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। ट्रैक्टर मालिक अश्वनी कुमार ने बताया कि इस बार आलू की बिजाई के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल किराया लिया जा रहा है। पिछले साल यह दर 300 रुपये प्रति क्विंटल थी।
उन्होंने बताया कि डीजल की कीमतों के साथ ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों के रखरखाव का खर्च बढ़ने के कारण बिजाई की दर बढ़ानी पड़ी है।
कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार शर्मा ने किसानों को आलू की बिजाई से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। आलू की फसल में पानी जमा होने से फसल को नुकसान हो सकता है।
उन्होंने किसानों से गुणवत्तापूर्ण बीज का इस्तेमाल करने और कृषि विभाग की सिफारिश के अनुसार खाद एवं अन्य कृषि आदानों का प्रयोग करने को कहा। अधिकारी के अनुसार समय पर और वैज्ञानिक तरीके से की गई बिजाई से फसल की बेहतर बढ़वार और अच्छे उत्पादन की संभावना बढ़ती है।
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