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हमीरपुर ड्रोन ग्रांट मामले में प्राचार्य की शिकायत पर FIR, सेना की कॉल के बाद शुरू हुई थी जांच
Ankesh Dogra
Updated Fri, 30 Oct 2026 04:19 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू के छात्र सर्वेश शर्मा की 3.5 करोड़ रुपये की ड्रोन ग्रांट का दावा अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है। इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य चंद्रशेखर की शिकायत पर सदर थाना हमीरपुर में FIR दर्ज की गई है। खास बात यह है कि इस पूरे मामले की पड़ताल कॉलेज प्रबंधन ने सेना की ओर से फोन आने के बाद शुरू की थी।
कॉलेज के प्राचार्य चंद्रशेखर के अनुसार, संस्थान को रक्षा अधिकारियों के नाम से कुछ ईमेल प्राप्त हुए थे। छात्र सर्वेश शर्मा के पास भी ऐसे दस्तावेज मौजूद थे, जिन्हें रक्षा मंत्रालय से संबंधित बताया गया था। 16 अक्तूबर को सेना की ओर से कॉलेज प्रबंधन को फोन आया था। इसके बाद संस्थान ने प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों और दावों की जांच शुरू की।
इसके बाद 27 अक्तूबर को सेना के अधिकारियों ने छात्र का रिकॉर्ड मांगा और उससे बातचीत भी की। इस घटनाक्रम के बाद ग्रांट को लेकर संस्थान स्तर पर पड़ताल तेज हुई।
डीआईओ ने 3.5 करोड़ की ग्रांट मिलने के दावे को नकारा
सर्वेश शर्मा ने दावा किया था कि उनके 'रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)' ड्रोन प्रोजेक्ट के लिए 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर हुई है। इस परियोजना को भारतीय सेना के लिए स्वदेशी ड्रोन विकसित करने से जोड़कर प्रचारित किया गया था।
हालांकि, 28 अक्तूबर को डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन (DIO) ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर स्पष्ट किया कि उसके रिकॉर्ड में सर्वेश शर्मा या उनसे जुड़े किसी स्टार्टअप के लिए ऐसी कोई ग्रांट मंजूर नहीं की गई है। संस्था ने इन दावों को गलत बताया।
डीआईओ के स्पष्टीकरण के बाद कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस से संपर्क किया। प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 319 और 336(3) के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस कथित ग्रांट मंजूरी से जुड़े दस्तावेजों, करीब 40 पन्नों के अनुबंध, ईमेल और डिजिटल संदेशों की जांच कर रही है। शुरुआती आशंका है कि ऑनलाइन माध्यम से छात्र को ग्रांट मंजूर होने का भरोसा दिलाया गया। हालांकि, कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने और इस पूरे मामले में शामिल लोगों की भूमिका का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर घायल हुआ था छात्र
इस मामले के बीच सर्वेश शर्मा बुधवार को कॉलेज हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार दिया गया और बाद में चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया। फिलहाल उनका उपचार जारी है।
पुलिस ने कॉलेज परिसर और हॉस्टल का निरीक्षण किया है। साथ ही प्राचार्य, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से भी जानकारी जुटाई है। छात्र के गिरने की परिस्थितियों की अलग से जांच की जा रही है। फिलहाल छात्र के हॉस्टल से गिरने की घटना और कथित ग्रांट धोखाधड़ी के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
पुलिस की जांच में अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर होने से संबंधित दस्तावेज और ईमेल कहां से तैयार किए गए और इस कथित ऑनलाइन धोखाधड़ी के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
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