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Yamunanagar resonates with the chants of "Ganpati Bappa Morya" amidst the sound of drums and traditional instruments; Lord Ganesha will be enshrined in homes as well as in approximately 150 pandals.
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यमुनानगर ढोल-नगाड़ों संग गूंजा गणपति बप्पा मोरया, घरों सहित करीब 150 पंडालों में विराजेंगे गणपति
यमुनानगर। गणपति बप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया। सोमवार को गणेश चतुर्थी पर ट्विनसिटी में चारों ओर गणपति के जयकारे गूंजते रहे। सुबह से ही श्रद्धालु सेक्टर-17 स्थित शनि मंदिर के पास से गणेश प्रतिमाएं लेने पहुंचने लगे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए प्रतिमाओं को वाहनों में लेकर अपने-अपने पंडालों की ओर रवाना हुए। शहर की गलियों और बाजारों से गुजरती शोभायात्राओं से माहौल भक्तिमय हो गया। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद घरों और पंडालों में गणपति को विराजमान किया गया।
शहर में करीब 150 स्थानों पर गणेश उत्सव के लिए पंडालों में गणपति की स्थापना हुई। वहीं कई घरों में भी श्रद्धालुओं ने प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की। प्रतिमा स्थापना के बाद आरती की गई और बप्पा को मोदक, लड्डू व अन्य मिष्ठान का भोग लगाया गया। इसके बाद कई स्थानों पर कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के लोग भी शामिल हुए।
सेक्टर-17 में सुबह से लगी रही भीड़
सेक्टर-17 में सुबह से ही गणेश प्रतिमाएं लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मूर्तिकारों ने आकर्षक ढंग से सजी प्रतिमाएं आयोजकों को सौंपीं। किसी गणपति के सिर पर चमकता मुकुट था तो किसी को रंग-बिरंगे वस्त्र और आभूषणों से सजाया गया था। श्रद्धालु प्रतिमाओं को फूलों से सजे वाहनों में लेकर पंडालों तक पहुंचे।
मूर्ति लेने पहुंचे रामदेव, रानी, मुकेश और महावीर ने बताया कि वे कई वर्षों से गणेश उत्सव पर प्रतिमा स्थापित करते आ रहे हैं। उत्सव को लेकर इस बार भी काफी उत्साह है। आसपास के लोग भी कीर्तन में शामिल होते हैं और कार्यक्रम के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं। उन्होंने कहा कि दस दिन का उत्सव कब गुजर जाता है, पता ही नहीं चलता। विसर्जन के दिन बप्पा को विदा करते समय दुख भी होता है और अगले साल फिर आने की कामना की जाती है।
यमुना विहार में वाटरप्रूफ पंडाल में विराजे बप्पा
खालसा कॉलेज के सामने यमुना विहार कॉलोनी में यमुना क्लब की ओर से लगाए गए वाटरप्रूफ पंडाल में भी गणपति की स्थापना की गई। क्लब प्रधान पंकज मेहंदीरत्ता ने बताया कि क्लब की ओर से दूसरी बार गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। पंडाल में प्रतिदिन सुबह-शाम आरती होगी और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विसर्जन से एक दिन पहले भजन संध्या का आयोजन होगा।
मध्याह्न मुहूर्त में हुई गणपति स्थापना
अमादलपुर स्थित सूरजकुंड मंदिर के आचार्य त्रिलोकचंद ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में गणपति स्थापना और पूजा को विशेष शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार सोमवार को गणेश पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:04 से दोपहर 1:33 बजे तक रहा। इसी शुभ समय में श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर गणपति का आह्वान किया। गणपति स्थापना के साथ ही ट्विनसिटी में अगले कई दिनों तक भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहेगा।
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