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यमुनानगर में हाईवे पर बैठे किसान, राकेश टिकैत ने किया जाम का एलान
यमुनानगर। किसानों की पांच प्रमुख मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की ओर से आज औरंगाबाद स्थित सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे-344 के रेस्ट एरिया में महापंचायत आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ट्रैक्टर पर सवार होकर महापंचायत में पहुंचे। महापंचायत के दौरान किसानों की मांगों पर चर्चा की गई। किसानों की ओर से गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, धान में नमी की निर्धारित सीमा 17 से बढ़ाकर 22 प्रतिशत करने, अमेरिका के साथ ट्रेड डील रद्द करने, किसानों का कर्ज माफ करने और गेहूं का भाव बढ़ाने की मांग उठाई गई।
अधिकारी नहीं पहुंचे तो जताई नाराजगी:
किसानों की ओर से ज्ञापन सौंपने की तैयारी थी, लेकिन मौके पर कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इस पर राकेश टिकैत ने नाराजगी जताते हुए हाईवे पर जाम लगाने की घोषणा कर दी। घोषणा के बाद बड़ी संख्या में किसान हाईवे पर पहुंच गए और टिकैत समेत किसान सड़क पर बैठ गए। इससे सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे-344 पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम की लग गया। राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा के किसान जो भी निर्णय लेंगे, भाकियू उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद और उठान नहीं होने तथा नमी के नाम पर किसानों को परेशान किए जाने के आरोप भी लगाए।
सुबह से पहुंचने लगे थे किसान:
महापंचायत का आयोजन भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतनमान के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर की अगुवाई में किया गया। किसान सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे। महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर, प्रदेश अध्यक्ष रतनमान, प्रदेश महासचिव अरविन कांबोज, जिला उपाध्यक्ष यादविंद्र कांबोज, जिला संरक्षक महेंद्र कांबोज चमरौड़ी, दलबीर कैल, दविंद्र रूलहाहेड़ी, धर्म सिंह बुबका और एडवोकेट साहब सिंह समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
यह हैं किसानों की पांच प्रमुख मांगें:
गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
धान में नमी की सीमा 17 से बढ़ाकर 22 प्रतिशत की जाए।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील रद्द की जाए।
किसानों का कर्ज माफ किया जाए।
गेहूं का भाव बढ़ाया जाए।
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