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झज्जर: वरिष्ठ साहित्यकार रोहित यादव को ‘आजीवन साधना सम्मान’ से नवाजा
झज्जर। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला के सौजन्य और बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद् के तत्वावधान में साहित्यकार एवं मूर्धन्य पत्रकार स्व. बाबू बालमुकुंद गुप्त को उनकी 119वीं पुण्यतिथि पर संवाद भवन में स्मृति समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बाबू बालमुकुंद गुप्त पुरस्कार, पुस्तक लोकार्पण और विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। समारोह में अकादमी की तरफ से वरिष्ठ साहित्यकार रोहित यादव, सैदपुर (मंडी अटेली) को आजीवन साधना सम्मान से अलंकृत किया गया।
परिषद की ओर से आजीवन पत्रकारिता सम्मान वरिष्ठ पत्रकार केबी पंडित एवं उदयभान पूनिया को प्रदान किया। गुप्त के वंशज बिमल गुप्त कोलकाता के सौजन्य से हर बार की तरह पांच साहित्यकारों को बाबू बालमुकुंद गुप्त पुरस्कार से अलंकृत किया गया, जिनमें स्वतंत्रता सेनानी एवं लेखक स्व. पंडित हरिराम आर्य, कारोली (रेवाड़ी), वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर लालचंद गुप्त 'मंगल' कुरुक्षेत्र, कवयित्री दर्शना शर्मा 'जिज्ञासु, खोरी' (रेवाड़ी), लेखक डॉ.दयानंद कादयान दूबलधन-माजरा (झज्जर) और साहित्यकार अशोक ढोरिया, मुबारिकपुर (झज्जर) रहे।
इस अवसर पर पद्मश्री एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. संतराम देशवाल ने कहा कि गुप्त सही मायनों में हिंदी के उन्नायक, परिष्कारक परिमार्जक, हिंदी गद्य के जनक थे। उन्होंने कहा कि जिन परिस्थितियों में गुप्त ने पत्रकारिता की वह अपने आप में मिसाल है। डॉ. देसवाल ने उनके नाम से रेवाड़ी में अध्ययन केंद्र बनाए जाने की भी मांग रखी। अकादमी निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने उन्हें राष्ट्रीयता का पर्याय देशभक्त कलमकार बताया। हरियाणा पत्रकार संघ के अध्यक्ष केबी पंडित ने उनकी निर्भीक पत्रकारिता तथा कुशल संपादन के प्रेरक प्रसंग रखे।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने गुप्त को साहित्य,पत्रकारिता, भाषा की त्रिवेणी करार दिया। मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा ने कहा कि सरकार के स्तर पर जो कार्य हो सकता है उसे करने का हर सम्भव प्रयास करेंगे। संस्कारम विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. महिपाल यादव ने उनकी प्रासंगिकता को प्रेरक करार दिया।
कृतियों का किया गया लोकार्पण समारोह में साहित्यकारों डॉ. जयभगवान शर्मा, डॉ. प्रवीण खुराना, रोहित यादव, सत्यवीर नाहड़िया, दर्शना शर्मा 'जिज्ञासु', डॉ अनिल कुमार, ऋषि सिंहल, रामकुमार गहलावत, शुभ राम शास्त्री, नेमीचंद शांडिल्य, त्रिलोकचंद फतेहपुरी की करीब एक दर्जन नव प्रकाशित कृतियों का लोकार्पण किया गया। समारोह में परिषद् ने आयोजित बाबू बालमुकुंद गुप्त हिंदी पखवाड़ा के विजेता विद्यार्थियों एवं प्रभारी को पुरस्कृत किया।
यह रहे मौजूद इस अवसर पर मुकुट अग्रवाल, दलबीर 'फूल', रामकुमार गहलावत, खेमचंद सहगल, नरेश चौहान 'राष्ट्रपूत', ऋषि सिंहल, डॉ. प्रवीण खुराना, सत्यवीर नाहड़िया, दलवंती सहरावत, मनोज कुमार, डॉ. गौरी अरोड़ा, डॉक्टर जयभगवान शर्मा, डॉ. श्रीनिवास शर्मा, डॉ. रविकिरण मदान, पुस्तकालय अध्यक्षा प्रीति उपस्थित रहे।
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