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In Fatehabad, hospital deliveries have become a money-making racket: first, charges are levied for a surgical delivery, and then additional money is demanded under the pretext of 'congratulatory gifts.'
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फतेहाबाद में अस्पताल में डिलिवरी पैसों का खेल, पहले ऑपरेशन फिर बधाई के नाम पर लिए पैसे
नागरिक अस्पताल में सिजेरियन डिलिवरी के नाम पर रुपये लेने और फिर कर्मचारियों द्वारा बधाई लेने के मामले के आरोप में कार्रवाई को लेकर गांव ढांड निवासी सूरजभान एक साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। जबकि कमेटी भी मान चुकी है कि ऑपरेशन के नाम पर तीन हजार और बधाई के नाम पर एक हजार रुपये लिए गए है। बच्चा एक साल का होने बावजूद न्याय नहीं मिला है। हालात ये है कि सीएम विंडो में दी गई शिकायत को भी अधिकारियों ने एनएचएम की जांच का हवाला देकर बंद कर दिया है। अब पीड़ित ने सीएम नायब सिंह सैनी को शिकायत भेजी है और बुधवार को उपायुक्त डॉ.विवेक भारती से भी मिले है।
सूरजभान ने बताया कि उसकी पत्नी को डिलिवरी के लिए नागरिक अस्पताल में 14 अक्तूबर 2025 को लाया गया था। आरोप है कि आशा वर्कर ने बधाई के 1100 रुपये और ऑपरेशन के तीन हजार रुपये एक सफाई कर्मचारी को दिलवाए। आरोप है कि जांच कमेटी के सामने भी बधाई को लिए गए 1100 रुपये आशा वर्कर स्वीकर कर चुकी है। जांच कमेटी भी अपनी रिपोर्ट में मान चुकी है कि 1100 रुपये शिकायतकर्ता ने बधाई और तीन हजार रुपये तथाकथित रूप में दिए है। आशा वर्कर भी स्वीकर चुकी है कि 1100 रुपये बधाई को लेकर लिए गए है और तीन हजार रुपये लेनदेन हुआ है लेकिन पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है। मामले को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय नागरिक अस्पताल की संबंधित स्वीपर को चेतावनी पत्र, संबंधित स्त्री रोग विशेषज्ञ और आशा वर्कर को नोटिस जारी हो चुका है। मामले में मिशन निदेशक एनएचएम की तरफ से जांच कमेटी भी गठित की गई है। पीड़ित सूरजभान का कहना है कि अगर कानूनी कार्रवाई नहीं होती है तो वह अदालत का सहारा लेंगे।
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