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सीलिंग का खौफ: 16,726 भवनों की सीलिंग के आदेश के बाद बढ़ी बेचैनी, जोन बी-सी-डी में भी सर्वे की तैयारी

Wed, 23 Sep 2026 11:14 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 23 Sep 2026 11:14 AM IST
सार

मेरठ में 16,726 भवनों को सील करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भवन स्वामियों की चिंता बढ़ गई है। मेडा अब जोन-बी, सी और डी में भी सर्वे की तैयारी कर रहा है। विस्तार से देखें आखिर शहर के कौन से इलाके जद में आएंगे।

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Anxiety Grows in Meerut After Sealing Order for 16,726 Buildings; Survey Planned in Zones B, C and D
मेरठ में भवन स्वामियों की बढ़ी चिंता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ महानगर में 16,726 भवनों को सील करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भवन स्वामियों की बेचैनी बढ़ गई है। मंगलवार को दिनभर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) में आगे की रणनीति को लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा। गंभीर स्थिति के बीच मेडा के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा अवकाश पर हैं, जबकि सचिव अर्पित गुप्ता लखनऊ में हैं।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेडा ने जोन-ए के बाद अब जोन-बी, सी और डी में भी भवनों का सर्वे करने की योजना बनाई है। आदेश ने उन भवन स्वामियों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके भवन इस सूची में बताए गए हैं। प्राधिकरण अब पूरे मामले में आगे की कार्रवाई और सर्वे को लेकर रणनीति तैयार करने में जुटा है।
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सुप्रीम कोर्ट के रुख को देखते हुए मेडा अधिकारी इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि आदेश का किस तरह पालन किया जाए और भवन स्वामियों को किस तरह राहत पहुंचाई जा सके। 
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धरना स्थल पर मायूसी...
उपाध्यक्ष के अवकाश पर होने और सचिव के लखनऊ में होने के कारण प्राधिकरण के अधिकारी निर्णय लेने की प्रक्रिया पर फिलहाल कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 दिसंबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है। इधर, शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में पिछले करीब छह महीने से धरना दे रही महिलाओं में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मायूसी है। मंगलवार और बुधवार को धरनास्थल खाली दिखा, कुर्सियां भी खाली पड़ी थीं।

चारों जोन में 4.75 लाख भवन 
प्राधिकरण ने जोन-ए में सर्वे करने के बाद अब जोन-बी, सी और डी में भी भवनों का सर्वे करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस सर्वे के माध्यम से उन सभी भवनों की पहचान की जाएगी, जो अवैध निर्माण या अन्य नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आते हैं। सर्वे रिपोर्ट को भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। चारों जोन में करीब 4.75 लाख भवन हैं। 

पुनर्वास नीति पर भी वार्ता
सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई के आदेश को लागू करते हुए प्रदेश सरकार से एलआईजी और ईडब्ल्यूएस भवनों के लिए पुनर्वास नीति लाने को कहा है। वहीं, शास्त्रीनगर की महिलाएं अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह का कहना है कि पुनर्वास को लेकर आवंटियों के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है। लोगों की सहमति से ही प्रस्ताव तैयार कर उस पर अमल किया जाएगा।

ये हैं चार जोन के इलाके
जोन-ए :
दिल्ली रोड और हापुड़ रोड पर बनी कॉलोनियां और गांव शामिल हैं। इसके अलावा बिजली बंबा बाईपास, परतापुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में इलाके इस जोन की जद में हैं।

प्रमुख इलाके: नूर नगर रोड, इरा गार्डन के आसपास का क्षेत्र, माधवपुरम 60 फुटा रोड, 100 फुटा रोड, फतेहउल्लापुर, लिसाड़ी, बजौट, परतापुर, जामिया रेजीडेंसी, बिजली बंबा बाईपास, बाग वाली कॉलोनी, हापुड़ रोड, चार खंभा रोड, समर गार्डन, नूर नगर, शौकीन गार्डन, फतेहउल्लापुर रोड, जामिया रेजीडेंसी, भोला/भूड़बराल-परतापुर क्षेत्र, बिजली बंबा बाईपास, मोहीउद्दीनपुर क्षेत्र, इंद्रापुरम, कटाई मिल, गगोल रोड, संजय वन के पीछे का क्षेत्र आदि।

बेगमपुल से हापुड़ रोड की दाहिनी तरफ : बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, शाहपीर गेट, हापुड़ अड्डा चौराहा, भगत सिंह मार्केट, जाकिर कॉलोनी, समर गार्डन, लिसाड़ीगेट, खुशहाल नगर, इस्लामाबाद, तारापुरी, शास्त्रीनगर एल ब्लॉक और ताला फैक्टरी से होते हुए 44वीं वाहिनी पीएसी, बिजली बंबा बाईपास और हापुड़ रोड तक का क्षेत्र शामिल है।

बेगमपुल से दिल्ली रोड तक बायी तरफ : सोतीगंज, थापरनगर, भैंसाली बस अड्डा, जली कोठी, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहा, ईदगाह चौराहा, फुटबॉल चौराहा, माधवपुरम, साईं पुरम, रिठानी, अछरोंडा और परतापुर होते हुए दिल्ली रोड तक का क्षेत्र जोन-ए में चिह्नित है।

जोन-बी : मुख्य रूप से मवाना रोड, अम्हेड़ा, सिखेड़ा, रुड़की रोड, लावड़ और दौराला की तरफ के इलाके जोन-बी में शामिल हैं।

प्रमुख इलाके : अम्हेड़ा आदिपुर, मवाना रोड, न्यू मीनाक्षीपुरम कॉलोनी, खटकाना पुल के पास का क्षेत्र, सैनिक पुरम कॉलोनी, मवाना रोड, वृंदावन एन्क्लेव, ईशापुरम फेस-2, सिखेड़ा रोड, अम्हेड़ा गांव, जेपी एकेडमी के पीछे का क्षेत्र, कसेरू बक्सर, मवाना रोड, न्यू शिवलोक कॉलोनी, सिवाया, उल्देपुर, जेपी रेजीडेंसी, मवाना रोड, शोभित यूनिवर्सिटी के आगे का क्षेत्र, रुड़की रोड, उल्देपुर चौराहा, लावड़ रोड, पल्लवपुरम फेस-2, ग्राम दुल्हैड़ा, शांति फार्म हाउस, एकता नगर, नाला लावड़ रोड, दौराला, उदय कुंज, उदय सिटी, ग्राम दुल्हैड़ा, चौहान, रुड़की रोड और पल्लेड़ा आदि।

बेगमपुल से दौराला तक दायीं ओर : रेलवे रोड चौराहे से रेलवे स्टेशन होते हुए रोहटा रोड की दाहिनी तरफ फाजलपुर, तेजविहार, गोल्ड कोस्ट, सूर्य कॉलोनी, रोहटा बाईपास, कंकरखेड़ा, पल्लवपुरम, मोदीपुरम और दौराला तक का क्षेत्र शामिल है।

बेगमपुल से मवाना रोड तक बायीं ओर : लालकुर्ती, कसेरूखेड़ा, गंगानगर और कसेरू बक्सर होते हुए मवाना रोड तक के गांव, कॉलोनियां और गली-मोहल्ले जोन-बी की जद में आते हैं।

जोन-सी : मुख्य रूप से खड़ौली, भोला रोड, रोहटा रोड, बागपत रोड, लखवाया, पल्लवपुरम, कवि नगर और आसपास के क्षेत्र जोन-सी में शामिल हैं।

प्रमुख इलाके: खड़ौली, चित्रकूट धाम के आसपास का क्षेत्र, पठानपुरा, भोला रोड, रोहटा रोड, लखवाया, रोहटा रोड, मलियाना, खड़ौली मेन, भोला रोड, कवि नगर, रामबाग, बागपत रोड, रामपुर पावटी, दिल्ली रोड, त्रिवेणी कॉलोनी, भोला रोड, चित्रकूट कॉलोनी के पीछे, ऋषिनगर, बागपत रोड के आसपास का पल्लवपुरम क्षेत्र, पटेल नगर, पिपलखेड़ा, भोला रोड, पठानपुरा घाट क्षेत्र, ग्राम घाट, ग्राम पावली, मलियाना-बागपत रोड, हरमन सिटी, सुंदरपुरा और गंगानगर की तरफ के कुछ क्षेत्र आदि।

बेगमपुल से दिल्ली रोड की दाहिनी तरफ: सोतीगंज, सदर, मकबरा डिकी, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहा, फुटबॉल चौराहा, ट्रांसपोर्टनगर, कुंडा, पुठ्ठा और परतापुर तक का क्षेत्र जोन-सी में शामिल है।
रेलवे रोड चौराहे से रोहटा रोड की बायीं तरफ : सरस्वती विहार, गोलाबढ़, गोकुल विहार, गगन विहार, रोहटा बाईपास, लखवाया, पूठखास और रोहटा तक के गांव, कॉलोनियां और गली-मोहल्ले 

जोन-डी : मुख्य रूप से गढ़ रोड, हापुड़ रोड, किला परीक्षितगढ़ रोड, मवाना रोड और इनसे जुड़े ग्रामीण क्षेत्र 

प्रमुख इलाके : हस्तिनापुर/गढ़ रोड क्षेत्र, मुरलीपुर, गढ़ रोड, राली चौहान, गेसुपुर, ग्राम कमालपुर, कमालपुर मदरसे के पास का क्षेत्र, अब्दुल्लापुर किला, हापुड़ रोड, पीपलीखेड़ा, गढ़ रोड के आसपास, दतावली, गढ़ रोड, अब्दुल्लापुर किला, परीक्षितगढ़ रोड, इस्लामाबाद, छिलौरा, भूड़पुर के पास का क्षेत्र, सरायकाजी, गढ़ रोड, मवाना-हस्तिनापुर रोड, अलीपुर, सलेमपुर/सलारपुर, मवाना रोड, जटीपुरा, मवाना रोड और गंगानगर आदि।

बेगमपुल से हापुड़ रोड की बायीं तरफ : बेगमबाग, जीआईसी, बच्चा पार्क, छीपी टैंक, सूरजकुंड, सुभाषनगर, फूलबाग कॉलोनी, हापुड़ रोड चौराहा, तिरंगा गेट, शास्त्रीनगर, जैदी फार्म, गांधी नगर, लोहियानगर, खरखौदा और हापुड़ रोड तक का क्षेत्र शामिल है।

बेगमपुल से मवाना रोड की दाहिनी तरफ : लालकुर्ती पैठ बाजार, जवाहर क्वार्टर, आदर्श नगर, बाउंड्री रोड, राधा गार्डन, गंगानगर, लाल पार्क, कसेरू बक्सर, पंचवटी कॉलोनी, यशोदा कुंज, रजपुरा, सलारपुर, सैनी, इंचौली और मवाना रोड तक के गांव, कॉलोनियां और गली-मोहल्ले जोन-डी की जद में आते हैं।

पूरे शहर को नहीं बनने देंगे शास्त्रीनगर
किसान मजदूर संगठन के कार्यालय पर आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन की रूपरेखा व रणनीति दोनों व्यापार संगठनों के साथ बैठकर तय की जाएगी। इस संबंध में संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता व अजय गुप्ता से भी नेताओं से फोन पर बात की और सहयोग मांगा गया। व्यापारियों ने कहा कि बार-बार यह संदेश दिया जा रहा था कि सरकार से बात चल रही है और सरकार इसमें मदद कर रही है लेकिन इसके बाद भी सरकार की ही बॉडी मेरठ विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में नई सूची दे दी।

सरकार के समन्वय से ही बचेगा शहर का अस्तित्व
संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण कुमार गुप्ता ने मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे बाईपास स्थित होटल मार्स में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। उन्होंने मेरठ के व्यापारियों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। 

साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पत्र सौंपते हुए प्रभावित व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल की प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समय दिलाने का अनुरोध किया। तरुण गुप्ता ने कहा कि वर्षों से व्यापार कर रहे अनेक व्यापारियों की दुकानें ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य आधार हैं। ऐसे में व्यापारियों की आजीविका और पुनर्वास से जुड़े विषयों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकाला जाना जरूरी है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के समन्वय से प्रभावित व्यापारियों को दोबारा स्थापित करने की दिशा में ठोस पहल की मांग की।

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