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गोरखपुर

रविवार, 23 फरवरी 2020

गोरखपुर: नाले की सफाई के दौरान गत्ते में मिला नवजात शिशु का शव, जांच में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कैंट इलाके के मोहद्दीपुर के पास बुधवार को नवजात का शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले एसएसपी के आदेश पर जिले में नवजात के शव पाए जाने के तीन मामलों में केस दर्ज किया जा चुका है।

जानकारी के मुताबिक, विंध्यवासिनी पार्क के पास नगर निगम के कर्मचारी नाले की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान नाले में एक गत्ता मिला। उसे खोलकर देखा गया तो उसमें शव पड़ा मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाने की भी कोशिश की, मगर कोई कुछ बता नहीं पाया, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मोहद्दीपुर चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सजा व जुर्माना
धारा 317 आईपीसी
माता-पिता या नवजात की देखरेख करने वाले व्यक्ति की ओर से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे का परित्याग करना अपराध है।
सजा : सात साल की कैद या फिर जुर्माना या फिर दोनों।
धारा 318 आईपीसी
पैदाइश छुपाने के लिए नवजात को गोपनीय तरीके से जीवित अथवा मृत फेंकना अपराध है।
सजा : दो साल की कैद या फिर जुर्माना या फिर दोनों।
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दवा कारोबारी के मौत मामले में उलझी पुलिस, अब लखनऊ की विशेषज्ञ टीम करेगी सीन री-क्रिएशन

गैर इरादतन हत्या का आरोपित झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार, दो साल से पुलिस को थी तलाश

गैर इरादतन हत्या के आरोपित खजनी के पड़ियापार निवासी रामखेलावन दूबे को बड़हलगंज पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे डीआईजी राजेश मोदक के निर्देश के बाद पकड़ा। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

जानकारी के मुताबिक झोलाछाप रामखेलवान के गलत इंजेक्शन लगाने से 2018 में खजनी के मनोज राम त्रिपाठी की मौत हो गई थी। बांसगांव पुलिस ने मनोज के साथ इलाज कराने गए ससुर अशोक कुमार शुक्ला की तहरीर पर कौड़ीराम में क्लीनिक चलाने वाले रामखेलावन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और साजिश रचने का केस दर्ज किया था। बाद में विवेचना बड़हलगंज पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई।

11 फरवरी 2020 को रामगढ़ताल पर घूम रहे रामखेलावन को मनोज के रिश्तेदारों ने पकड़कर कैंट थाने की पैडलेगंज चौकी पुलिस को सौंप दिया। इसकी सूचना बड़हलगंज पुलिस को दी गई लेकिन न तो रामखेलावन को बड़हलगंज ले जाया गया और न ही उसके खिलाफ हुक्म तहरीरी भेजी। जिसके बाद कैंट पुलिस ने उसे छोड़ दिया था। डीआईजी ने मामले का संज्ञान लेकर रामखेलावन की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।
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दवा कारोबारी की मौत गुत्थी नहीं सुलझा पा रही पुलिस, दो और दोस्तों से होगी पूछताछ

दवा कारोबारी सईद की मौत मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने अनस के दो और दोस्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। इनसे पूछताछ में कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। अब पुलिस को हैंड वॉश के फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। इस रिपोर्ट के आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सईद ने आत्महत्या की या उसे गोली मारी गई।

पुलिस शुरुआती जांच में सईद की मौत को आत्महत्या मान रही थी। फिर डीआईजी और एसपी सिटी के हस्तक्षेप के बाद मामले में हत्या के एंगल पर जांच शुरू हुई। अब मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लगने शुरू हो गए हैं। एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने सईद के घरवालों से खुद अलग-अलग पूछताछ की। इसके बाद ही मामले की जांच में तेजी आई।

यह हुआ था
कोतवाली क्षेत्र के नखास के रहने वाले सईद अहमद (54) का शव उनके बाथरूम में मिला। शरीर में तीन गोलियां लगी थीं। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस को सईद के इकलौते बेटे अनस ने बताया कि मां की मौत के बाद से अब्बू डिप्रेशन में थे।

उनका इलाज चल रहा था। 13 फरवरी की रात में 12 बजे के बाद तीन गोलियां चलने की आवाज आई। अब्बू के कमरे की तरफ  गया तो दरवाजा अंदर से बंद था। कमरे तक जाने के लिए किचन की खिड़की का इस्तेमाल किया गया। कमरे से अटैच बाथरूम में पिता का शव पड़ा मिला। दाहिने हाथ में पिस्टल थी।

एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है। हैंड वॉश की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
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मृतक सईद अहमद। (File) मृतक सईद अहमद। (File)

संतकबीरनगर: घर में घुस कर सो रही किशोरी संग किया दुष्कर्म, शोर मचाने पर पड़ा गया आरोपी

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर के दुधारा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी के साथ शुक्रवार की रात घर में घुस कर गांव के ही युवक ने दुष्कर्म किया। किशोरी की गुहार पर परिजन मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची 112 नंबर की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर थाने गई। शनिवार को पुलिस ने आरोपी पर घर में घुस कर दुष्कर्म करने और पॉस्कों एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए जेल भेज दिया।

पीड़ित मां का आरोप है कि वह अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ अकेले घर पर रहती है। उसके पति रोजगार के सिलसिले में बाहर गए हैं। शुक्रवार की रात गांव का ही आरोपी युवक उसके घर में घुस गया। आरोप है कि आरोपी युवक ने उसकी नाबालिग बेटी के मुंह में कपड़ा ठूंसकर दुष्कर्म किया।

बाद में मौका पाकर बेटी ने शोर मचाया तो सो रहे परिजनों नीद टूट गई। उसी दौरान आरोपी भागने लगा, परिवार के लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। सूचना पर 112 नंबर की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने गई। एसओ गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी युवक पर घर में घुस कर दुष्कर्म करने और पॉस्कों एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। शनिवार को पकड़े गए आरोपी को जेल भेजा गया है।
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बस्ती: आईसीआईसीआई बैंक लूट कांड का खुलासा, पुलिस से मुठभेड़, सात बदमाश गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में छह दिसंबर को शहर के आईसीआईसीआई बैंक हुई 40.40 लाख रुपये के लूट कांड का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश किया है। घटना में शामिल दो बदमाशों को कोतवाली थाना क्षेत्र के सियरापार से पुलिस मुठभेड़ में अल सुबह गिरफ्तार किया गया।

मुठभेड़ में जहां दोनो बदमाशों को गोली लगी है वहीं बांसी थाने में तैनात एसआई जीवन त्रिपाठी बदमाशों की गोली से घायल हो गए।  बाद में बदमाशों की निशानदेही पर पांच अन्य को भी गिरफ्तार करने में पुलिस कामयाब रही। पकड़े गए आरोपियों ने स्वीकारा कि उन्होंने 19 अक्तूबर को महराजगंज के एचडीएफसी बैंक फरेंदा में भी लूट की घटना को अंजाम दिया था।

एसपी हमेराज मीणा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का नाम विजय कश्यप निवासी जौनपुर, मुमताज अली, अजय यादव, साबिर अली, अल्ताफ, अली हुसैन सिद्घार्थनगर जिले के रहने वाले हैं। इसके साथ ही पकड़ा गया इरशाद प्रयागराज का रहने वाला है। एसपी ने कहा कि इनसे आईसीआईसीआई बैंक मालवीय मार्ग से लूटा गया 7.40 लाख चार सौ रुपये व एसडीएफसी बैंक फरेंदा में लूटा गया 7.65 लाख चार सौ रुपये बरामद किया है।

इसके साथ ही एक पिस्टल, पांच तमंचा, लूट की घटना में शामिल बाइक भी बरामद हुई है। एसपी ने बताया मुखबिर की सूचना पर हरदिया चौराहे के समीप सियरापार से अल सुबह दो अभियुक्त विजय कश्यप व मुमताज अली को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान सिद्घार्थनगर के बांसी में तैनात उप निरीक्षक जीवन त्रिपाठी को चोट आई। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर पांच अन्य को गिरफ्तार किया गया। एसपी ने कहा कि गिरफ्तार अभियुक्तों से आईसीआईसीआई बैंक लूट के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उनका एक गैंग है, गैंग का मुखिया फिरोज मुंडेरा बाजार थाना घूमनंगज प्रयागराज का रहने वाला है।
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साड़ी में पत्थर बांधकर नदी में फेंका गया था महिला का शव, पुलिस को सता रही इस बात की चिंता

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में तुर्कवलिया गांव में राप्ती नदी में एक महिला का शव पाए जाने से पीपीगंज इलाके में शुक्रवार को सनसनी फैल गई, सबकी जुबान पर एक ही सवाल था कि यह लाश उस नाबालिग मां की तो नहीं, जिसके नवजात को पहले ही मौत के घाट उतारा जा चुका है। इस चर्चा को उस समय और बल मिल गया जब नवजात हत्या प्रकरण की विवेचना कर रहे एसओ कैंपियरगंज निर्भय नारायण सिंह भी मौके पर पहुंच गए।

हालांकि मृतका की शिनाख्त नहीं होने से बस कयासबाजी ही होती रही। पानी में पड़े होने से शरीर इस कदर फूल गया है कि मृतका की उम्र तक का पता नहीं चल रहा है। बकौल पुलिस यह मौत के बाद जलप्रवाह का मामला प्रतीत हो रहा है। मौत का सच क्या है, यह पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा। नियमानुसार 72 घंटे शव की शिनाख्त का इंतजार होगा, फिर पोस्टमार्टम।

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को इलाके में चर्चा फैल गई कि यह उसी किशोरी का शव तो नहीं, जिसके नवजात की हत्या की गई थी? यह अफवाह फैलते ही पुलिस भी दौड़ पड़ी। सीओ कैंपियरगंज दिनेश कुमार सिंह खुद फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। गांव वालों के मुताबिक चार दिन पहले एक बोलेरो बंधे पर रुकी थी। आशंका है कि शव को उसी बोलेरो से लाकर फेंका गया।

चार दिन से महिलाएं भी उस जगह पर शव होने की बात बोल रही थीं मगर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। शुक्रवार को प्रधान को इसकी जानकारी हुई जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। आनन फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने गला दबाकर हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जल प्रवाह किए जाने जैसा शव लग रहा है। शव को साड़ी में लपेटा गया था और कमर पर बड़े बड़े पत्थर बांधे गए थे।
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कुशीनगर: कक्षा चार की छात्रा के साथ शिक्षक ने किया दुष्कर्म, इस हाल में मिली थी बच्ची

सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के साथ बृहस्पतिवार की रात उसी विद्यालय के एक शिक्षक ने बहला-फुसलाकर दुष्कर्म किया। लड़की को रात में पडरौना शहर में छोड़कर शिक्षक घर चला गया। कोतवाली पुलिस ने लावारिस घूम रही लड़की को अभिरक्षा में लेकर घरवालों को सूचना दी।

शुक्रवार शाम को आरोपी शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करते हुए बालिका को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया। आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित बालिका गांव के ही प्राइवेट विद्यालय में पढ़ती है। घरवालों के अनुसार, बृहस्पतिवार देर शाम बालिका घर में नहीं मिली तो खोजबीन शुरू की गई।

विद्यालय के लोगों से पता किया गया तो गांव ही युवक जो इसी विद्यालय में शिक्षक है, वह भी घर नहीं मिला। संदेह होने पर बालिका के साथ-साथ शिक्षक की भी तलाश शुरू की गई। देर रात पता चला कि कोतवाली पुलिस ने बस स्टेशन के पास भटक रही बालिका को अभिरक्षा में लिया है।

गांव के प्रधान तथा बालिका के परिजन कोतवाली पहुंचे। घरवालों को देखकर बालिका संयत हुई और उसने शिक्षक की करतूत की जानकारी दी। घरवालों का आरोप है कि शिक्षक उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया और कोई नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में पडरौना शहर में छोड़कर भाग निकला।

इस संबंध में कोतवाल पवन कुमार सिंह का कहना है कि देर रात एक बालिका के बस स्टेशन के पास भटकने की सूचना पर महिला कांस्टेबल को भेजकर लड़की को अभिरक्षा में लिया गया। उस वक्त लड़की काफी डरी हुई थी।

महिला सिपाही ने समझा-बुझाकर घर का पता पूछा और फिर ग्राम प्रधान को इसकी सूचना दी गई तो घरवाले कोतवाली आए और बालिका को अपने साथ घर ले गए। शुक्रवार की शाम को बालिका के पिता ने बहला फुसलाकर अपहरण एवं दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक टीपू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। बालिका को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।
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नेपाली नागरिकों का फर्जी पासपोर्ट बनवाने का एक आरोपित गिरफ्तार, आठ साल से थी तलाश

नेपाली नागरिकों को भारतीय बताकर फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपित राजेश पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। कैंट थाने में 2015 और शाहपुर थाने में 2012 में इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर था।

गिरफ्तार किए जाने के बाद नंदानगर के न्यू प्रोजेक्ट रोड निवासी राजेश ने बताया कि साथी परशुराम के साथ मिलकर उसने 117 नेपाली लोगों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए जीआरडी कूड़ाघाट के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया है। इस फर्जी पासपोर्ट की मदद से कई नेपाली विदेश भी जा चुके हैं।  

कैंट थाने में बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2009 में जीआरडी, कूड़ाघाट के पते के फर्जी कागजात से 26 नेपाली नागरिकों का भारतीय पासपोर्ट बनवा दिया गया। इसके सहारे कई नेपाली नागरिक विदेश भी चले गए।

भारत नेपाल मैत्री संघ के तत्कालीन अध्यक्ष मोहन लाल गुप्ता ने इसकी अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी। तत्कालीन एसपी ग्रामीण द्वारा मामले की जांच के बाद मोहन लाल गुप्ता की तहरीर पर वर्ष 2015 में फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले 26 नेपाली लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और पासपोर्ट अधिनियम में केस दर्ज किया गया था।

जिसके बाद मामले की जांच चल रही थी। सीओ ने बताया कि विवेचना के दौरान दो लोगों का नाम प्रकाश में आया। जिन्होंने फर्जी पासपोर्ट को बनाया था। विवेचक शैलेंद्र शर्मा और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर एक आरोपित राजेश को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने उसे बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजवाया दिया। पुलिस ने दर्ज मुकदमे में पकड़े गए आरोपित के खिलाफ षडयंत्र रचने की धारा बढ़ा दी है। सीओ ने बताया कि इसके अलावा शाहपुर थाने में 2012 में 91 नेपाली लोगों पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने का केस दर्ज हुआ था।

कैंट थाने में दर्ज केस के मुताबिक इनके पासपोर्ट फर्जी
सीमा राना, कल्पना थापा, मेनका थापा, विमला आले, रामा गुरूंग, सुनील की पत्नी सीमा, नरेश की बेटी सीमा, कमला थापा, प्रिया गुरूंग, सोनिया गुरूंग, आशा गुरूंग, आरती श्रेष्ठ, प्रीती गुरूंग, हेमा, संतोपी गुरूंग, अनिल गुरूंग, कुमारी रमा, गंगा थापा, आशा थापा, कल्पना गुरूंग, माया, रीता सुव्वा, रूपा लामा, सिबु रिमल, संगीता गुरूंग और सूरज राना का फर्जी पासपोर्ट वर्ष 2009 में बना था। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।

 
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'बेरहमी से पटककर मारी गई थी नवजात बच्ची, पुलिस चाहे तो चंद घंटे में कर सकती है घटना से पर्दाफाश'

पीपीगंज इलाके में किशोरी से दुष्कर्म, उसे गर्भवती बनाने और फिर नवजात की हत्या जैसे जघन्य अपराध के मामले में पुलिस की सुस्ती बृहस्पतिवार को बस इतनी टूटी कि पीपीगंज, कैंपियरगंज थानेदार बृहस्पतिवार को गांव पहुंचे, पूछताछ की औपचारिकता की और लौट आए। पीड़िता कहां है, किस हाल में है, यह जानने की जहमत अब भी पुलिस ने नहीं उठाई।

दरअसल इस जघन्य मामले के वैज्ञानिक अनुसंधान में पुलिस दिलचस्पी ले तो कुल एक दिन में दूध का दूध, पानी का पानी होना मुमकिन है, मगर इसके लिए जो संवेदना चाहिए, वह किसी प्रभावशाली के दबाव में मर-सी गई है। जानकारी के मुताबिक छह फरवरी 2020 को पीपीगंज थानेदार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या और पैदाइश छिपाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में काम कर रही पुलिस मामले में पहले दिन से ही लापरवाह बनी हुई है।

इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए डीआईजी राजेश डी मोदक ने पूरे प्रकरण में कार्रवाई को लेकर एसएसपी को निर्देशित किया था। उधर, एसएसपी के आदेश पर बुधवार को गई पुलिस ने खानापूरी ही की थी। इसकी जानकारी होने पर एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कड़ी नाराजगी जताई। इससे हरकत में आई पीपीगंज और कैंपियरगंज थाने की पुलिस ने कुछ तेजी दिखाई। पहली बार गांव में पुलिस के अंदाज में दोनों थानेदार पहुंचे और जांच को आगे बढ़ाने के लिए लोगों से बातचीत की, उनके टेलीफोन नंबर आदि नोट किए।
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गोरखपुर: पीपीगंज में साड़ी से लिपटा मिला किशोरी का शव, इलाके में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पीपीगंज में एक किशोरी का शव बरामद हुआ है। शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। किशोरी  का शव साड़ी में लिपटा हुआ मिला है, हालांकि अभी मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

वहीं स्थानीय लोग इस बात का अंदाजा लगा रहे हैं कि ये मृतक किशोरी कहीं नाबालिक मां तो नहीं थी? जिसकी तलाश पुलिस को कई दिनों से थी। गौरतलब है कि 31 जनवरी को एक नवजात बच्ची का शव पीपीगंज इलाके के एक गांव की झाड़ी में मिला था।

अज्ञात शव होने की वजह से चार फरवरी को पोस्टमार्टम हुआ था। पोस्टमार्टम के समय ही स्पष्ट हो गया था, करीब एक हफ्ते पहले उस शिशु को मारा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सिर पर तीन इंच से गहरा घाव था। बगल में कट के निशान भी थे, जिससे वह कोमा में चली गई थी और उसकी मौत हो गई थी।

थानेदार पीपीगंज की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। थानेदार की तहरीर पर केस दर्ज होने का तर्क देते हुए सीओ ने कैंपियरगंज एसओ को विवेचना सौंपी है। वहीं पुलिस कई दिनों से नाबालिग मां की तलाश में जुटी हुई है।

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सिद्धार्थनगर: प्रधानाध्यापक पर कक्षा दो की छात्रा से छेड़खानी करने का लगा आरोप, निलंबित

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में उसका थानाक्षेत्र के एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर कक्षा दो की छात्रा के साथ छेड़खानी का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस केस दर्ज करके छानबीन कर रही है।

उधर, बेसिक शिक्षामंत्री के निर्देश पर बीएसए सूर्यकांत त्रिपाठी ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। हालांकि आरोपी शिक्षक के घर वालों ने आरोप निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक गोलबंदी के कारण शिक्षक को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।

तहरीर के अनुसार बुधवार को लर्निंग आउट कम की परीक्षा के चलते कक्षा तीन, चार और पांच के बच्चे जल्दी घर चले गए, जबकि एक और दो के बच्चे रुक गए। इसी बीच एक शिक्षक ने टॉफी देने के बहाने एक छात्रा से छेड़छाड़ शुरू कर दी।

बच्चों के शोर मचाने पर शिक्षक स्कूल बंद कर भाग गया। बात घरवालों तक पहुंची तो उन्होंने डायल 112 पर शिकायत की। फिर थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

 
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फर्जी वीजा और पासपोर्ट बनाकर विदेश भेजने के नाम पर करते थे ठगी, महिला समेत तीन गिरफ्तार

विदेश भेजने के नाम पर सैकड़ों बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी करने वाली कंपनी के तीन कर्मचारियों को एसआईटी ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमें कंपनी की महिला कंप्यूटर ऑपरेटर चौरीचौरा के रामूडीहा निवासी माधुरी सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अजय तिवारी और झंगहा के जंगल रसूलपुर निवासी शिवबदन शामिल हैं।

एसआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर रामभवन यादव ने चौरीचौरा थाने में बताया कि सोनबरसा बाजार स्थित गोल्डेन लाइन कार्पोरेशन के लोगों ने गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज के करीब तीन सौ लोगों से विदेश में नौकरी के नाम पर करोड़ों की वसूली की। इसके बाद सभी दफ्तर में ताला बंद कर फरार हो गए।

15 फरवरी को ठगी के शिकार कई बेराजगार युवक कंपनी के दफ्तर पहुंचे और तोड़फोड़ कर हाइवे पर जाम लगा दिया था। जिसके बाद पुलिस ने रविवार को संग्रामपुर निवासी नितिन श्रीवास्तव की तहरीर पर कंपनी के रजनीश पाठक, सहायक कमल किशोर, सुमन, माधुरी, शुभम, अजय तिवारी व दो अज्ञात पर धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।

एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने जांच के लिए एसआईटी बनाई थी। जिसके बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपितों माधुरी, अजय और शिवबदन को गिरफ्तार कर लिया। अन्य फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी के अलावा इंस्पेक्टर चौरीचौरा राजू सिंह, सोनबरसा चौकी इंचार्ज विशाल शुक्ला, एसआई धीरेंद्र राय सहित नौ पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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