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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में जिले में बंद रहीं 80 फीसदी दुकानें
Vimal Sharma
Updated Thu, 21 May 2026 11:59 AM IST
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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को केमिस्ट और ड्रगिस्ट सड़क पर उतर आए। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर हुई राष्ट्रव्यापी सांकेतिक हड़ताल का असर मुरादाबाद में भी दिखाई दिया। शहर के 80 प्रतिशत मेडिकल स्टोर और थोक दवा बाजार बंद रहे। हालांकि कुछ क्षेत्रों में रिटेल दवा दुकानों पर बंदी का असर सीमित रहा। अस्पतालों और नर्सिंग होम के मेडिकल स्टोर भी दोपहर 12 बजे के बाद खुल गए। मुरादाबाद केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले दवा व्यापारी आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट तक मार्च किया और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में ऑनलाइन दवाओं की अवैध और अनियंत्रित बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई।
दवा व्यापारियों का कहना था कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। साथ ही भारी छूट देकर छोटे लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर संचालकों का कारोबार प्रभावित किया जा रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि दवाओं की होम डिलीवरी में उचित सत्यापन नहीं हो रहा, जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
ज्ञापन में केंद्र सरकार से जीएसआर 817 (ई) और जीएसआर 220 (ई) को वापस लेने की मांग की गई। व्यापारियों का आरोप है कि इन प्रावधानों का फायदा उठाकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स कंपनियां नियमों की अनदेखी करते हुए दवाओं की बिक्री कर रही हैं। केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष तनुज अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालक वर्षों से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत लाइसेंस लेकर कारोबार कर रहे हैं, जबकि ऑनलाइन कंपनियों की गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी नहीं है।
उन्होंने कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं और बिना डॉक्टर के सत्यापित पर्चे के इनकी बिक्री जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड महामारी के दौरान केमिस्टों ने फ्रंटलाइन हेल्थ सपोर्ट वर्कर्स की भूमिका निभाई थी और लोगों तक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति की थी। इसके बावजूद ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ लगातार शिकायतों के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में राजेश रस्तोगी, सुशील कुमार, विनीत कुमार गुप्ता, सचिन गुप्ता, सुरेश कत्याल, जितेंद्र सिक्का, विपुल अग्रवाल और गौरव गुप्ता समेत बड़ी संख्या में दवा व्यापारी मौजूद रहे।
थोक बाजार दिखा बंद, रिटेलर्स ने खोलीं दुकानें
कंजरी सराय और रेती मोहल्ले के थोक दवा बाजारों में ज्यादातर दुकानों पर बंदी के पोस्टर चस्पा दिखाई दिए, जबकि कांठ रोड और प्रिंस रोड क्षेत्र में कुछ रिटेल दवा दुकानों पर सामान्य कारोबार चलता रहा। नर्सिंग होम और अस्पतालों के मेडिकल स्टोर भी दोपहर 12 बजे के बाद खोल दिए गए, जिससे मरीजों को अधिक परेशानी नहीं हुई। रिटेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल का कहना है कि उनके संगठन के सदस्य इस बंदी में शामिल नहीं हुए और दुकानें खोलीं। वहीं मुरादाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष साहित्य रस्तोगी ने बताया कि रेती मोहल्ले में दवा के थोक बाजार पर मिला जुला असर था। कई दुकानें एक परिवार की हैं, उन्होंने परिवार में मौत होने के कारण दुकानें बंद रखीं।
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