शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र माने जाने वाले गौर का चौक क्षेत्र में सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। लगभग 11 बजे हुए इस हादसे ने न सिर्फ मजदूरों के जीवन को संकट में डाल दिया, बल्कि निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गौर का चौक स्थित एक पुराने भवन को गिराकर वहां नया शोरूम बनाया जा रहा था। इस निर्माण कार्य के दौरान अंडर ग्राउंड खुदाई की जा रही थी कि तभी अचानक एक जर्जर दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही मौके पर काम कर रहे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
घटना की आवाज सुनते ही आसपास के दुकानदार और राहगीर उस तरफ दौड़े। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने स्थिति को समझते हुए राहत व बचाव कार्य किया और बिना समय गंवाए जेसीबी मशीन मंगवाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों मजदूरों को बाहर निकाला जा सका।
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मलबे से बाहर निकालने के बाद तीनों मजदूरों को 108 एम्बुलेंस की सहायता से तुरंत समदड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर उन्हें जोधपुर रैफर कर दिया।
हादसे में घायल मजदूरों की पहचान मगाराम (उम्र 55 वर्ष) पुत्र रूपाराम प्रजापत निवासी समदड़ी, मोहनलाल पुत्र फरसाराम मेघवाल निवासी समदड़ी और नारायण (उम्र 35 वर्ष) पुत्र राणाराम मेघवाल निवासी समदड़ी के रूप में की गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही समदड़ी थानाधिकारी ओमप्रकाश जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका को भी ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।