जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के विरोध में राजस्थान भाजपा ने सोमवार को जयपुर में प्रदर्शन किया। यह आयोजन कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक संदेश देने के लिए था। लेकिन यह प्रदर्शन संगठन की तैयारियों और कार्यकर्ताओं को जुटाने की क्षमता पर सवाल उठा गया।
प्रदर्शन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी और प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी भी सीमित रही। कार्यक्रम निर्धारित समय से करीब आधे घंटे देर से शुरू हुआ। राजनीतिक गलियारों में इसकी खूब चर्चा रही। सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि केंद्रीय स्तर पर सोशल मीडिया से जवाब देने की रणनीति थी। फिर भी राजस्थान भाजपा ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई। प्रदेश संगठन ने प्रदेश मुख्यालय से चौमू हाउस सर्किल तक विरोध प्रदर्शन तय किया था। इसमें युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और एससी मोर्चा की भागीदारी प्रस्तावित थी।
प्रदेशाध्यक्ष की गैरमौजूदगी और देरी
प्रदर्शन के लिए प्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का नाम नेतृत्व के तौर पर सामने था। लेकिन वे कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे। राठौड़ सोमवार को सिरोही दौरे पर थे। वहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जयपुर में प्रदेशाध्यक्ष की अनुपस्थिति में धरने की जल्दी पर सवाल उठे।
शहर अध्यक्ष और मोर्चों की सीमित भागीदारी
जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल की मौजूदगी भी चर्चा में रही। कार्यक्रम दोपहर तीन बजे निर्धारित था, पर अमित गोयल करीब एक घंटे बाद पहुंचे। उनके साथ महज दो लोग मौजूद थे। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ के साथ भी महिलाओं की संख्या कम थी। युवा मोर्चा और अन्य इकाइयों की भागीदारी भी अपेक्षित स्तर की नहीं दिखी।