{"_id":"6ab36fd7617469b9c60ffb18","slug":"video-dispute-over-attendance-register-in-maluka-panchayat-2026-09-23","type":"video","status":"publish","title_hn":"मलूका पंचायत में हाजिरी रजिस्टर पर विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर पंचायत मलूका में आउटसोर्स कर्मचारियों की हाजिरी को लेकर रामपुरा फूल से आप विधायक बलकार सिंह सिद्धू और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका आमने-सामने हो गए।
हाजिरी रजिस्टर चेक करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। बाद में पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करते हुए विधायक को वहां से जाने की सलाह दी। विधायक के वापस लौटते समय मलूका के समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।
जानकारी के मुताबिक, विधायक बलकार सिंह सिद्धू नगर पंचायत मलूका के कार्यालय में कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर चेक करने पहुंचे थे। विधायक के अनुसार, कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों ने उन्हें शिकायत दी थी कि नगर पंचायत प्रधान ने उनकी गैरहाजिरी लगा दी है। इसी शिकायत के आधार पर वह हाजिरी रजिस्टर देखने पहुंचे थे।
विधायक का आरोप है कि जब वह नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे तो हाजिरी रजिस्टर वहां मौजूद नहीं था। पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि रजिस्टर नगर पंचायत प्रधान अपने घर पर ले गए हैं। इसी दौरान मामले की जानकारी पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को हुई और वह अपने समर्थकों के साथ नगर पंचायत कार्यालय पहुंच गए।
विधायक ने कहा- कर्मचारियों के हक में पहुंचे थे
विधायक बलकार सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में यदि कर्मचारियों की गैरहाजिरी लगाई जाती है तो उनके नियमित होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है और वह उनकी शिकायत पर ही हाजिरी रजिस्टर की जांच करने पहुंचे थे।
विधायक के अनुसार, रजिस्टर कार्यालय में नहीं मिलने पर उन्होंने नगर पंचायत प्रधान से इसके बारे में जानकारी मांगी। इसी दौरान पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका और उनके समर्थक वहां पहुंच गए और विवाद की स्थिति पैदा हो गई। विधायक ने आरोप लगाया कि उनके साथ बहस की गई और माहौल खराब किया गया।
मलूका बोले- विधायक को हाजिरी रजिस्टर चेक करने का अधिकार नहीं
वहीं, पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने विधायक के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी की गैरहाजिरी नहीं लगाई गई है। मलूका के अनुसार, विधायक को नगर पंचायत के कार्यालयी काम में इस तरह दखल देने का अधिकार नहीं है।
मलूका ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी की हाजिरी से संबंधित जांच करनी है तो संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाया जा सकता है। उन्होंने विधायक पर नगर पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप कर माहौल खराब करने का आरोप लगाया।
विवाद बढ़ने पर पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभाली और विधायक को वहां से जाने की सलाह दी। विधायक जब अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना होने लगे तो मलूका समर्थकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। घटना के बाद नगर पंचायत में राजनीतिक टकराव को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।