सीहोर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने ही रूम पार्टनर पर भरोसा कर जमा-पूंजी गंवा दी। लोक निर्माण विभाग (PWD) में कम्प्यूटर ऑपरेटर की सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर आरोपी ने न केवल युवक से डेढ़ लाख रुपये ऐंठ लिए, बल्कि उसे फर्जी नियुक्ति पत्र देकर मानसिक रूप से भी तोड़ दिया। यह ठगी किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि उसी व्यक्ति ने की, जिसके साथ पीड़ित एक ही कमरे में रहता था।
ग्राम बमुलिया निवासी विशाल परमार पिता गणेशराम परमार, चाणक्यपुरी हनुमान मंदिर के पास सीहोर में किराए के कमरे में रहते थे। उनके साथ रहने वाला अरविन्द वर्मा पिता धर्म सिंह, मूल निवासी अरनिया कला, शुजालपुर, खुद को बैंक कर्मचारी बताता था। अरविन्द ने विशाल को विश्वास दिलाया कि उसकी पीडब्ल्यूडी में सीधी नौकरी लगवा देगा। सरकारी नौकरी की लालसा में विशाल उसकी बातों में आ गया। आरोपी ने नौकरी के बदले एक लाख पचास हजार रुपये की मांग की। विशाल ने पांच जनवरी 2025 को 70 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद सात फरवरी 2025 को 9 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से अरविन्द के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। धीरे-धीरे आरोपी भरोसा बढ़ाता गया और बाकी रकम की मांग करता रहा। विशाल हर बार यह सोचकर पैसे देता रहा कि अब उसकी नौकरी पक्की हो जाएगी।
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फर्जी नियुक्ति पत्र ने बढ़ाया भरोसा
25 अप्रैल 2025 को अरविन्द ने विशाल के मोबाइल नंबर 6263976240 पर लोक निर्माण विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर का नियुक्ति पत्र भेज दिया। उस पत्र पर अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश की सील भी लगी थी। नियुक्ति पत्र देखकर विशाल की आंखों में सपने सज गए। उसने अप्रैल में शेष रकम भी आरोपी को नगद दे दी। नियुक्ति पत्र लेकर जब विशाल पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचा और पदभार ग्रहण करने की बात कही, तब सच्चाई सामने आई। अधिकारियों ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया। विशाल के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद आरोपी उसे भोपाल के विभिन्न सरकारी दफ्तरों के चक्कर कटवाता रहा और मूल आदेश दिलाने की बात कहकर गुमराह करता रहा। आखिरकार अरविन्द ने फोन बंद कर लिया और फरार हो गया। ठगी का शिकार हुए विशाल परमार ने कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली टीआई रविन्द्र यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच उपरांत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाता युवक