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बेंगलुरु में MP को मिले 1200 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, टीएमजेड की जमीन लगभग फुल; अब सेकंड फेज की तैयारी

Tue, 22 Sep 2026 10:15 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Tue, 22 Sep 2026 10:15 PM IST
सार

बेंगलुरु में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की, जिसमें मध्यप्रदेश को 1200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। ग्वालियर के टीएमजेड में जमीन लगभग भरने के बाद अब दूसरे चरण की तैयारी है, जिससे करीब 20 हजार रोजगार के अवसर बनने की बात कही गई है।

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MP Gets Rs 1,200 Crore Investment Proposals in Bengaluru, Gwalior TMZ Nears Full Capacity
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को बेंगलुरु में उद्योगपतियों और प्रमुख निवेशकों से वन-टू-वन संवाद किया। इस दौरान ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) को लेकर खास तौर पर चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश को करीब 1200 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिले। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन निवेश प्रस्तावों से करीब 20 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बेंगलुरु में ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को लेकर निवेशकों की ओर से अच्छे प्रस्ताव मिले हैं। ग्वालियर में विकसित इस जोन में करीब 5000 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही आ चुका है। अब 1200 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण टीएमजेड की उपलब्ध जमीन लगभग पूरी होने वाली है।


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MP Gets Rs 1,200 Crore Investment Proposals in Bengaluru, Gwalior TMZ Nears Full Capacity
सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया - फोटो : अमर उजाला
एक-दो महीने में टीएमजेड  का सेकंड फेज
निवेशकों की बढ़ती मांग को देखते हुए अब ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के दूसरे चरण की तैयारी शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक-दो महीने में फेज-2 का काम शुरू हो जाएगा। इसके विस्तार से करीब 20 हजार लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की बात उन्होंने कही। बैठक में केवल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर, ड्रोन तकनीक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डेटा सेंटर, स्पेसटेक और डीपटेक जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। 

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जीसीसी में 210 करोड़ का प्रस्ताव
आईटी और जीसीसी क्षेत्र की कंपनी थोलोन्स ने मध्यप्रदेश में 210 करोड़ रुपये के निवेश से जीसीसी यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने पर चर्चा की। सीजीआई ने भी प्रदेश में जीसीसी  विस्तार की संभावनाओं में रुचि दिखाई। सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन क्षेत्र में असेइक मावेन सिलिकॉन ने 100 करोड़ रुपये के निवेश से चिप डिजाइन हाउस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इसके पहले चरण में 25 करोड़ रुपये निवेश किया जाएगा। कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज ने भी 100 करोड़ रुपये के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज स्थापित करने पर सहमति जताई। 

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डेटा सेंटर और डीपटेक में भी रुचि
डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड सीफंड ने मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना बताई। नाइनस्टार्स ने आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने को लेकर चर्चा की। गैलेक्सी के प्रतिनिधियों ने स्पेसटेक, जबकि रैपिडो और डोनाउ कार्बन इंडिया के प्रतिनिधियों ने मोबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत की। 

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ड्रोन निर्माण और परीक्षण का भी प्रस्ताव
एयरबाउंड, आइडियाफोर्ज, नॉटिकल विंग्स, न्यूस्पेस एंड रिसर्च टेक्नोलॉजीज और अनमैन्ड सिस्टम्स के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में ड्रोन निर्माण और परीक्षण का इकोसिस्टम विकसित करने पर चर्चा की। एयरबाउंड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ड्रोन भी भेंट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेश को केवल इंदौर, भोपाल और उज्जैन तक सीमित नहीं रखना चाहती। जबलपुर, ग्वालियर और छोटे शहरों में भी बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई और लघु-कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने निवेशकों को उद्योगों की जरूरत के अनुसार सुविधाएं और नीतिगत सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

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समस्याओं का 48 घंटे में समाधान
बता दें रोड में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि टीएमजेड जोन में टेलीकॉम के सात प्रमुख वर्टिकल्स को एक साथ लाने का प्रयास है। करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से साझा टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन लैब भी बनाई जा रही है।  सिंधिया ने कहा कि केंद्र और राज्य की 51:49 हिस्सेदारी वाली एसपीवी के जरिए निवेशकों की समस्याओं का 48 घंटे में समाधान किया जाएगा। 

 
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