सागर में एक वकील साहब से टोल प्लाजा पर गजब कांड हो गया। उन्होंने खुद से तो एक बार टैक्स दिया, लेकिन उनसे वसूली दो बार हो गई। 25 रुपए की अवैध वसूली की शिकायत करने पर टोलकर्मियों ने उनसे अभद्रता भी की, इसके बाद वकील साहब का माथा ठनक गया और उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद पेश करते हुए 2 लाख रुपए क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग की है। इतना ही नहीं उपभोक्ता फोरम ने परिवाद को स्वीकार भी कर लिया है, अब जल्द ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उपभोक्ता फोरम में परिवाद पेश करने वाले जितेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि वह सागर जिला अधिवक्ता संघ में जिला अध्यक्ष वकालत करना उनका व्यवसाय है। 31 दिसंबर 2024 को वह अपने घर गंभीरिया से गढ़ाकोटा जा रहे थे। रास्ते में चना टोरिया टोल प्लाजा पहुंचे, जहां टोल कर्मी डंडा लेकर गाड़ी के सामने खड़े हो गए और कहने लगे कि पैसे दो। जब हमने कहा कि हमारी मारुति स्विफ्ट कार में फास्ट टैग लगा हुआ है, उसमें बैलेंस भी है, उसी से कट कर लो, तब उन्होंने कहा कि हमारा कैमरा खराब है, इसलिए नगद ही देने पड़ेंगे।
जिसके बाद उन्होंने नगद 25 रुपया दिए तो 10:53 मिनट की एक रसीद दी गई। वकील वहां से आगे चला गए, लेकिन फिर देखा 10: 51 मिनट पर भी फास्टटैग से 25 कट गए हैं, जिसका एसएमएस मोबाइल फोन पर आया। उन्होंने टोल कर्मियों से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि कंप्यूटर से रसीद कट गई है, तो वह वापस नहीं हो सकती और जो फास्ट टैक्स से पैसा काटा है, वह कंपनी के खाते में चला गया है। इसलिए किसी भी स्थिति में आपके पैसे वापस नहीं हो सकते, आपको जहां शिकायत करनी है कर दीजिए।
इसके बाद जितेंद्र सिंह राजपूत ने 6 जनवरी को उपभोक्ता फोरम मामलों के जानकारी पवन नन्होरिया से केस लगवाया है, जिसे आज फोरम ने स्वीकार कर लिया है। यह केवल 25 रुपए की लड़ाई नहीं है, बल्कि इस तरह से भोले वाले वाहन चालकों से लाखों रुपए की अवैध वसूली की जा रही है।