रेलवे ग्रुप डी और लेवल-1 पदों के लिए रतलाम में चल रही शारीरिक दक्षता परीक्षा में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अंतिम दिन रेलवे पुलिस ने उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के तीन युवकों को दूसरे अभ्यर्थियों की जगह दौड़ परीक्षा देने के आरोप में पकड़ा। इससे पहले 6 सितंबर को बिहार के मुंगेर जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था। इस तरह अब तक मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो आरोपी फरार हैं।
जानकारी के अनुसार, रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे की ओर से ग्रुप डी और लेवल-1 पदों के लिए रतलाम रेलवे कॉलोनी स्थित फुटबॉल ग्राउंड पर पिछले दस दिनों से शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही थी। बुधवार को परीक्षा के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के तीन युवकों को फर्जीवाड़े के संदेह में पकड़ा गया। बाद में उन्हें रेलवे पुलिस (जीआरपी) के सुपुर्द कर दिया गया।
जीआरपी थाना प्रभारी सोहन पाटीदार ने बताया कि 21 वर्षीय गौरव पिता दिगंबर, निवासी ग्राम जाफराबाद, जिला फिरोजाबाद, 20 वर्षीय अभ्यर्थी अनुज पिता राम किशोर दिवाकर, निवासी ग्राम वाली, थाना सिरसागंज, जिला फिरोजाबाद की जगह दौड़ परीक्षा देने पहुंचा था। वहीं, 33 वर्षीय पंकज पिता भूर सिंह, निवासी ग्राम अलीपुर राजा की चाल, जिला फिरोजाबाद, अभ्यर्थी मनीष कुमार की जगह परीक्षा में शामिल होने पहुंचा था।
दस्तावेजों की जांच के दौरान कर्मचारियों को गौरव और पंकज की पहचान को लेकर संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि दोनों वास्तविक अभ्यर्थी नहीं हैं और दूसरे युवकों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। इसके बाद मौके पर मौजूद आरोपियों को पकड़कर जीआरपी के हवाले कर दिया गया। मामले में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
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प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दूसरे अभ्यर्थियों की जगह दौड़ लगाने के लिए किसी से 30 हजार तो किसी से 50 हजार रुपये में सौदा हुआ था। आरोपियों ने अपने आधार कार्ड में भी फोटो में बदलाव किए थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। अभ्यर्थी मनीष की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
दूसरी बार दौड़ लगाने पहुंचा था अजीत
इससे पहले 6 सितंबर को 26 वर्षीय अजीत कुमार कुशवाह पिता दिनेश कुमार कुशवाह, निवासी ग्राम रतनठा, जिला मुंगेर (बिहार) को पकड़ा गया था। वह दूसरी बार एक अन्य अभ्यर्थी कुंदन कुमार निवासी मुंगेर की जगह दौड़ परीक्षा देने पहुंचा था। कुंदन खुद परीक्षा देने नहीं आया था।
पूछताछ में अजीत ने बताया कि इससे पहले 2 सितंबर को उसने धनपुरा, जिला मुंगेर निवासी अभ्यर्थी निरंजन कुमार की जगह दौड़ परीक्षा दी थी। इसमें वह अयोग्य पाया गया था। इसके बाद पुलिस ने अभ्यर्थी निरंजन कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दूसरे अभ्यर्थी कुंदन कुमार की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने के पीछे और कौन लोग शामिल हैं और इस पूरे फर्जीवाड़े का नेटवर्क कितना बड़ा है।