मंगलवार को जिला प्रशासन और तहसीलदार मोहित जैन की टीम ने पुराना तालाब के पास अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को हिंदूवादी संगठन के सदस्यों ने कीर्ति स्तंभ के पास प्रदर्शन किया और तहसीलदार मोहित जैन का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर मनमानी कार्रवाई के आरोप लगाए और अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर के नाम एसडीएम आरएल बागरी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों के आरोप
हिंदूवादी संगठन का कहना है कि तहसीलदार द्वारा केवल गरीबों के मकान तोड़े जा रहे हैं, जबकि बड़े अतिक्रमणकारी बचे हुए हैं। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई एक मॉल संचालक को लाभ पहुंचाने के लिए की गई।
संगठन के सदस्य नित्या प्यासी ने बताया कि
- पुरैना तालाब क्षेत्र: नगर पालिका क्षेत्र के शिक्षा विभाग की भूमि (सिविल स्टेशन शीट 43-48, भूखंड क्रमांक 291/6) पर अवैध कब्जे और पक्के निर्माण किए गए हैं।
- ग्रीन बेल्ट का अतिक्रमण: पुरैना तालाब और फुटेरा तालाब के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- नौगजा पहाड़ी: यहां भी असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध अतिक्रमण जारी है।
- गढ़ी मोहल्ला: सड़क चौड़ीकरण के लिए मुआवजा दिए जाने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया।
- बोरवेल का दुरुपयोग: पुरैना तालाब के पास शासकीय बोरवेल से पानी चोरी कर अवैध वाहन धुलाई की जा रही है।
- बस स्टैंड और पेट्रोल पंप क्षेत्र: वर्षों से जमे अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन का पक्ष
एसडीएम आरएल बागरी ने कहा कि प्रशासन हर अतिक्रमण पर जांच के बाद ही कार्रवाई करता है।
आंदोलन की चेतावनी
हिंदूवादी संगठन ने मांग की है कि 10 दिनों के भीतर सभी अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाए, अन्यथा बैंड का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।