बालाघाट जिले की कोतवाली पुलिस ने रकम को तीन से चार गुना करने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गर्रा स्थित वैनगंगा नदी पुल के नीचे घेराबंदी कर गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन, नगदी और फर्जी नोटों के बंडल समेत कुल 3.17 लाख रुपये का मशरुका (सामान) जब्त किया है।
असली नोटों के पीछे छिपाते थे कागज की गड्डियां पकड़े गए शातिर ठग
बेहद योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाते थे। आरोपी पीड़ित व्यक्ति को मोटी रकम का लालच देकर विश्वास में लेते थे। वे शिकार को नोटों के बंडल दिखाते थे, जिसमें सबसे ऊपर और नीचे असली नोट रखे होते थे, जबकि बीच में साधारण कागज भरा होता था। इस फर्जी बंडल को दिखाकर आरोपी लोगों को भरोसा दिलाते थे कि वे उनकी रकम को कुछ ही समय में कई गुना बढ़ा देंगे।
तीन शातिर और आरोपी ने की लाखों की ठगी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरोह ने अलग-अलग तीन लोगों को झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली थी। रकम दोगुनी-चौगुनी करने का वादा कर आरोपियों ने पैसे तो ले लिए, लेकिन बाद में पीड़ितों को न तो बढ़ी हुई रकम मिली और न ही उनके मूल पैसे वापस किए गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट्स और मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी किसी बड़ी वारदात की फिराक में गर्रा स्थित वैनगंगा नदी पुल के नीचे मौजूद हैं। कोतवाली पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर तीनों युवकों को दबोच लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आर्यन (निवासी नागपुर), लकेश चचाने (निवासी नागपुर) और अंकित पांडे (निवासी रायगढ़) के रूप में हुई है।
फर्जी नंबर प्लेट का भी खुलासा
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाली दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल जब्त किए हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी बाइकों पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के साथ-साथ फर्जी दस्तावेज और फर्जी नंबर प्लेट इस्तेमाल करने की गंभीर धाराएं भी जोड़ी हैं। पुलिस अब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।