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2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET में छूट की मांग, राजकीय संस्कृत परिषद सिरमौर ने सरकार से उठाई आवाज
Ankesh Dogra
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:31 PM IST
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राजकीय संस्कृत परिषद सिरमौर ने सरकार से 2010 से पहले नियुक्त उन शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट देने की मांग की है, जिनका अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रमाणित नहीं हुआ है। परिषद का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कई शिक्षक अब सेवानिवृत्ति की उम्र के करीब हैं। ऐसे में उनके लिए पात्रता परीक्षा को लेकर विशेष छूट का प्रावधान किया जाना चाहिए।
नाहन में मीडिया से बातचीत करते हुए परिषद के आचार्य देवेंद्र ने कहा कि पुराने शिक्षकों के मामले में सरकार को व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे कई शिक्षक अब सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं और उनके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर राहत का प्रावधान किया जाना चाहिए।
परिषद ने संस्कृत शिक्षकों की योग्यता से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। आचार्य देवेंद्र ने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त कई शास्त्री शिक्षक ऐसे हैं, जिनके पास बीएड की योग्यता नहीं है। परिषद की मांग है कि ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि वे आगे चलकर प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के समतुल्य योग्यता हासिल कर सकें।
उन्होंने संस्कृत विषय के प्रति सरकार के रवैये पर भी चिंता जताई। परिषद का कहना है कि संगठन की ओर से समय-समय पर शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाता रहा है, लेकिन इन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
बैठक में दुर्गम क्षेत्रों में स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों का मुद्दा भी उठाया गया। परिषद ने मांग की कि विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्त शिक्षकों के लिए सरकार विशेष रणनीति तैयार करे, ताकि ऐसे क्षेत्रों में शिक्षकों की सेवाओं और नियुक्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
इन मांगों को लेकर संस्कृत कॉलेज में परिषद की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव को तैयार किया गया। परिषद ने उम्मीद जताई कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।
बैठक और मीडिया वार्ता के दौरान परिषद के महासचिव गोविंद शर्मा, दीपिका शर्मा समेत अन्य शिक्षक भी मौजूद रहे।
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