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Sirmour News: एक और दो दिसंबर को दिल्ली में संसद का होगा घेराव
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। नाहन के प्रताप भवन में आयोजित सीटू जिला सिरमौर के प्रशिक्षण शिविर एवं विस्तारित बैठक में दूसरे दिन देश में बढ़ती सांप्रदायिकता और उसके मजदूर वर्ग पर प्रभाव पर गहन चर्चा की गई। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार में जबसे नरेंद्र मोदी की सरकार आई है, तबसे वह मजदूर विरोधी फैसले ले रही है। देश में महंगाई अपने चरम पर है और उसका सीधा असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। इसके कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं, मिड-डे मील वर्कर, निर्माण मजदूर और औद्योगिक मजदूर कम वेतन और असुरक्षित रोजगार की परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। ऐसे समय में मजदूरों को कम से कम 42 हजार मासिक न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर यूनियन से जुड़े लोग पूरे देश से दिल्ली पहुंचेंगे और एक और दो अक्तूबर को संसद का घेराव करने के लिए कूच करेंगे। यदि रास्ते में पुलिस उनको रोकती है तो किसान आंदोलन की तरह उसी जगह डेरा जमा कर बैठ जाएंगे।
इससे पूर्व हुई बैठक में मिड-डे मील जिला अध्यक्ष विनीत, महासचिव संदीप, वीरेंद्र, प्रोजेक्ट पांवटा अध्यक्ष इंदु तोमर, प्रोमिला, नीलम शर्मा, शीला, देवकुमारी, चंद्रकला, निर्मला, रेखा सहित विभिन्न यूनियनों एवं संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।-- -- -
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नाहन (सिरमौर)। नाहन के प्रताप भवन में आयोजित सीटू जिला सिरमौर के प्रशिक्षण शिविर एवं विस्तारित बैठक में दूसरे दिन देश में बढ़ती सांप्रदायिकता और उसके मजदूर वर्ग पर प्रभाव पर गहन चर्चा की गई। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार में जबसे नरेंद्र मोदी की सरकार आई है, तबसे वह मजदूर विरोधी फैसले ले रही है। देश में महंगाई अपने चरम पर है और उसका सीधा असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। इसके कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं, मिड-डे मील वर्कर, निर्माण मजदूर और औद्योगिक मजदूर कम वेतन और असुरक्षित रोजगार की परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। ऐसे समय में मजदूरों को कम से कम 42 हजार मासिक न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर यूनियन से जुड़े लोग पूरे देश से दिल्ली पहुंचेंगे और एक और दो अक्तूबर को संसद का घेराव करने के लिए कूच करेंगे। यदि रास्ते में पुलिस उनको रोकती है तो किसान आंदोलन की तरह उसी जगह डेरा जमा कर बैठ जाएंगे।
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इससे पूर्व हुई बैठक में मिड-डे मील जिला अध्यक्ष विनीत, महासचिव संदीप, वीरेंद्र, प्रोजेक्ट पांवटा अध्यक्ष इंदु तोमर, प्रोमिला, नीलम शर्मा, शीला, देवकुमारी, चंद्रकला, निर्मला, रेखा सहित विभिन्न यूनियनों एवं संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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