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कुल्लू में सीबकथॉर्न पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, नवाचार और हिमालयी संरक्षण पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
Ankesh Dogra
Updated Thu, 24 Sep 2026 03:19 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, मौहल में सीबकथॉर्न नवाचार, मूल्य श्रृंखला एवं हिमालयी पर्यावरण संरक्षण विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का आयोजन 24 और 25 सितंबर 2026 को सीबकथॉर्न एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में किया जा रहा है।
सम्मेलन का संचालन केंद्र प्रमुख एवं वैज्ञानिक आरके सिंह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जबकि वैज्ञानिक डॉ. सरला शशनी सम्मेलन की संयोजिका हैं।
कार्यक्रम में कुल्लू के वन संरक्षक संदीप शर्मा मुख्य अतिथि और हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त बागवानी निदेशक विद्या प्रकाश विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सीबकथॉर्न एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह ने प्रदेश के शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों में सीबकथॉर्न की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और इसके विकास की दिशा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने स्थानीय संसाधनों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग के महत्व पर जोर दिया। साथ ही चयनित रूसी छरमा की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
उन्होंने बताया कि उपलब्ध छरमा में छह स्थानीय प्रजातियां और दो रूसी प्रजातियां शामिल हैं। सम्मेलन में इन प्रजातियों के हिमालयी परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक मूल्यांकन, संरक्षण और खेती की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
सम्मेलन में सीबकथॉर्न के केवल आर्थिक उपयोग ही नहीं, बल्कि इसके पर्यावरणीय महत्व पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इसके पोषणीय और जैव सक्रिय गुणों, मृदा संरक्षण तथा पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में संभावित भूमिका पर विचार साझा किए गए।
विशेषज्ञों ने इसके कार्बन संबंधी पर्यावरणीय लाभों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में संभावित भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय सम्मेलन का एक प्रमुख विषय हिमालयी क्षेत्रों में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का संरक्षण करते हुए उनका टिकाऊ उपयोग करना है। सीबकथॉर्न को लेकर वैज्ञानिक मूल्यांकन, संरक्षण और खेती से जुड़े पहलुओं पर चर्चा के जरिए इसके विकास की संभावनाओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
दो दिवसीय सम्मेलन में सीबकथॉर्न से जुड़े नवाचार, मूल्य श्रृंखला और हिमालयी पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
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