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कांगड़ा: धर्मशाला के बॉयज स्कूल में 140 मिड डे मिल कार्यकर्ताओं को दी फूड सेफ्टी की ट्रेनिंग, सुरक्षित भोजन पर जोर
Ankesh Dogra
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:42 PM IST
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विद्यार्थियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धर्मशाला के बॉयज स्कूल में मिड डे मिल कार्यकर्ताओं के लिए फूड सेफ्टी और हाइजीन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 140 मिड डे मिल कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को खाद्य पदार्थों की खरीद से लेकर भोजन तैयार करने और विद्यार्थियों को परोसने तक बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में विशेष रूप से सब्जी और फल खरीदते समय उनकी गुणवत्ता की जांच, खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और सुरक्षित भोजन तैयार करने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल मिड डे मिल कार्यकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा के नियमों की जानकारी देना ही नहीं है, बल्कि उनके माध्यम से स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और समाज तक स्वच्छ एवं सुरक्षित खान-पान का संदेश पहुंचाना भी है।
कार्यक्रम में बताया गया कि भोजन तैयार करने के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। खाद्य सामग्री को सही तरीके से रखना, साफ पानी का इस्तेमाल करना, खाना बनाने से पहले और बाद में हाथों की सफाई करना तथा रसोई और इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को स्वच्छ रखना खाद्य सुरक्षा के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
इसके अलावा कार्यकर्ताओं को बाजार से फल और सब्जियां खरीदते समय उनकी गुणवत्ता पर ध्यान देने और खराब या दूषित खाद्य सामग्री से बचने के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में सुरक्षित भोजन तैयार करने और निर्धारित स्वच्छता मानकों का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया।
फूड सेफ्टी मंत्रालय से आए अनिल शर्मा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित शिक्षक और कार्यकर्ता खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकते हैं। इससे बच्चों में छोटी उम्र से ही स्वच्छ और सुरक्षित खान-पान की आदत विकसित करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि भोजन की गुणवत्ता केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सुरक्षा और स्वच्छता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। स्कूलों में भोजन तैयार करने वाले कार्यकर्ताओं की भूमिका इसमें अहम है, क्योंकि उनके सीधे संपर्क में विद्यार्थी रहते हैं।
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