Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Jind News
›
'Adarsh Qila Ramlila' inaugurated in Jind; no dance performances take place on stage—instead, the life and deeds of Maryada Purushottam Shri Ram are depicted.
{"_id":"6ac89683bf58d9af1c0dbe12","slug":"video-adarsh-qila-ramlila-inaugurated-in-jind-no-dance-performances-take-place-on-stage-instead-the-life-and-deeds-of-maryada-purushottam-shri-ram-are-depicted-2026-10-09","type":"video","status":"publish","title_hn":"जींद में आदर्श किला रामलीला का शुभारंभ, मंच पर नहीं होता डांस, दिखाई जाती है मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद में आदर्श किला रामलीला का शुभारंभ, मंच पर नहीं होता डांस, दिखाई जाती है मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला
शहर में रामलीलाओं के मंचन का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में जिले में भी रामलीला मंचन का शुभारंभ हो चुका है। शहर के किले वाली सनातन धर्म आदर्श किला रामलीला का शुभारंभ वीरवार को हुआ। रामलीला के माध्यम से कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और मर्यादा का संदेश लोगों तक पहुंचाएंगे।
आदर्श किला रामलीला की खास बात यह है कि यहां किसी भी प्रकार का अश्लील डांस नहीं किया जाता। रामलीला कमेटी का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन करके लोगों को धर्म, संस्कार, सत्य और आदर्श जीवन की प्रेरणा देना है। यहां मंच पर भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी लीलाओं को प्राथमिकता दी जाती है।
श्री सनातन धर्म आदर्श किला रामलीला में श्रवण कुमार के जीवन पर आधारित भावुक ड्रामा आयोजित किया गया। इस नाट्य मंचन को देखने के लिए पहुंचे दर्शकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। ड्रामा में गर्वित ने श्रवण कुमार की भूमिका निभाई। गर्वित ने पहली बार इस किरदार को मंच पर जीवंत किया और अपने अभिनय से रामलीला में चार चांद लगा दिए।
उनके अभिनय ने दर्शकों को प्रभावित किया। श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति और सेवा भावना को दर्शाते इस प्रसंग ने लोगों को भावुक कर दिया। रामलीला के प्रधान रवि गुम्बर और दीपक सहगल ने बताया कि रामलीला के मंचन को बेहतर और प्रभावशाली बनाने के लिए कमेटी के सदस्य करीब 40 दिन पहले से ही तैयारियों में जुट जाते हैं।
इस दौरान कलाकारों की रिहर्सल, संवादों का अभ्यास, मंच की व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियां की जाती हैं, ताकि दर्शकों के सामने रामलीला का मंचन अच्छे तरीके से प्रस्तुत किया जा सके। रामलीला के पहले दिन श्रवण कुमार पर आधारित ड्रामा किया गया, जिसे लोगों ने देखा और सराहा। उन्होंने बताया कि रामलीला में हर साल नए कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने और विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाने का अवसर दिया जाता है। इससे युवाओं को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का मौका मिलता है और रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।