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सुनीता दुग्गल का कांग्रेस पर निशाना, बोलीं- जनता ने कांग्रेस को नकारा
झज्जर।
पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण लोकतंत्र की मजबूती, चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्ष निर्वाचन के लिए बेहद आवश्यक है। एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। कांग्रेस के शासनकाल में भी मतदाता सूचियों का 10 बार पुनरीक्षण किया गया और वर्तमान प्रक्रिया को 12वीं प्रक्रिया बताया जा रहा है।
वह मंगलवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि लगभग 20 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। समय के साथ मतदाताओं की स्थिति में बदलाव आता है, इसलिए मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए ऐसी प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम बने रहना, दूसरे स्थानों पर स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम दर्ज होना और एक ही मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर होना जैसी समस्याओं का समाधान आवश्यक है। उन्होंने संबंधित आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 2.5 करोड़ मृत व्यक्तियों और 6.5 करोड़ स्थानांतरित मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों सहित अन्य संभावित डुप्लीकेट नामों की पहचान और सत्यापन मतदाता सूची की शुद्धता के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों के अनुसार सत्यापन करके मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जाना चाहिए। सुनीता दुग्गल ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे और गलत या दोहराई गई प्रविष्टियों का नियमानुसार समाधान हो। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सटीक और अद्यतन मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है तथा इस प्रक्रिया को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस कभी एसआईआर, कभी वोट चोरी और कभी ईवीएम में गड़बड़ी जैसे मुद्दों को उठाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है और सभी राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए। चुनावी परिणामों पर बार-बार सवाल उठाने के बजाय कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए और जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसी प्रक्रिया पहले भी अपनाई जाती रही है, तो आज इस पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने पुराने रुख पर भी विचार करना चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास, पारदर्शी प्रक्रियाओं और जनता के निर्णय के सम्मान से सुनिश्चित होती है। किसी भी प्रक्रिया पर आपत्ति हो तो उसका समाधान तथ्यों, नियमों और संवैधानिक व्यवस्थाओं के आधार पर किया जाना चाहिए, न कि भ्रम फैलाकर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने से। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष विकास बाल्मीकि, जिला प्रभारी हरविन्द कोहली, बहादुरगढ़ से प्रत्याशी दिनेश कौशिक, जिला महामंत्री दयाकिशन, जिला मीडिया प्रभारी गीतांशु चावला मौजूद रहे।
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