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Monkeys wreak havoc at a government school in Thakkar Basti, Fatehabad; children left terrified.
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फतेहाबाद में ठाकर बस्ती के सरकारी स्कूल में बंदरों का आतंक, खौफ में बच्चे
शहर की ठाकर बस्ती स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल में बंदरों के झुंड ने बच्चों और शिक्षकों की परेशानी बढ़ा दी है। स्कूल परिसर में बंदरों की लगातार मौजूदगी के कारण बच्चे खौफ के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि शिक्षकों को क्लासरूम के दरवाजों पर कुंडी लगाकर रखनी पड़ती है। वहीं, बंदरों के डर से बच्चों को मिड डे मील खिलाने में भी परेशानी हो रही है।
स्कूल में बंदरों के झुंड के पहुंचने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। बंदर कभी स्कूल परिसर में घूमते नजर आते हैं तो कभी कक्षाओं के आसपास पहुंच जाते हैं। ऐसे में बच्चों को कक्षाओं से बाहर निकालना और उन्हें सामान्य गतिविधियों में शामिल करना शिक्षकों के लिए चुनौती बना हुआ है। बंदरों के डर के चलते बच्चों को कक्षा के अंदर ही रखने की कोशिश की जाती है।
दिनभर डंडा लेकर बंदरों को भगाते हैं शिक्षक
स्कूल में बंदरों की समस्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शिक्षकों को दिनभर डंडा लेकर उन्हें भगाने में जुटे रहना पड़ता है। कक्षाओं के दरवाजों पर कुंडी लगाकर रखनी पड़ती है, ताकि बंदर अंदर न घुस सकें। इससे शिक्षकों का ध्यान पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा पर भी लगा रहता है।
मिड डे मील खिलाना भी बना चुनौती
स्कूल में बच्चों को मिड डे मील खिलाने के दौरान भी परेशानी सामने आ रही है। बंदरों की मौजूदगी के कारण बच्चों को भोजन खिलाने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल है। बंदरों के डर के कारण स्कूल का सामान्य माहौल प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय स्तर पर इस समस्या का समाधान जरूरी है, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके और शिक्षकों को पढ़ाई के बजाय बंदरों को भगाने में समय न गंवाना पड़े। स्कूल परिसर से बंदरों को दूर रखने के लिए संबंधित विभाग को उचित कदम उठाने की जरूरत है
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