फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
Hindi News ›   Video ›   Chhattisgarh ›   An initiative to bring electricity to off-grid villages in the Raigarh-Korba districts using water streams

हमर गांव, हमर बिजली: जहां बिजली पहुंचाना मुश्किल, वहां झरने से रोशन होंगे घर, प्रोफेसर मालिया का अनोखा मॉडल

Tue, 27 Oct 2026 08:32 PM IST
रायगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायगढ़ Published by: रायगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 27 Oct 2026 08:32 PM IST
An initiative to bring electricity to off-grid villages in the Raigarh-Korba districts using water streams
छत्तीसगढ़ का रायगढ़ और कोरबा जिला कोयला उत्पादन के साथ-साथ बिजली उत्पादन के लिए पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है, लेकिन गजब की बात है कि इन दोनों जिले के कुछ गांव ऐसे भी जहां आज तक बिजली पहुंची ही नहीं है। ऐसे गांवों तक बिजली पहुंचाने रायगढ़ जिले के सामाजिक वैज्ञानिक और निजी कॉलेज के प्रोफेसर डीएस मालिया ने एक अनोखी पहल की है। उन्होंने झरने के पानी से बिजली पैदा करने का मॉडल तैयार किया है, जिससे रायगढ़ और कोरबा जिले के कुछ गांव में बिजली पहुंचाने के बाद अब अन्य गांव में भी बिजली पहुंचाने की तैयारी चल रही है।

रायगढ़ और कोरबा जिले के अंतिम छोर के दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में कई ऐसे गांव हैं, जहां बिजली पहुंची ही नहीं है। आज के डिजिटल युग में भी इन गांव के लोगों को रोशनी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे ही गांवों तक बिजली पहुंचाने की कोशिश धरमजयगढ़ के सामाजिक वैज्ञानिक और निजी कॉलेज के प्रोफेसर डीएस मालिया ने की है। उन्होंने अपने साथियों और ग्रामीणों की मदद से रायगढ़ जिले के प्राकृतिक झरने के पानी से बिजली बनाने का मॉडल तैयार किया। पहला प्रयोग रायगढ़ जिले में हुआ जिसकी सफलता के बाद झरने से बनने वाली बिजली दूसरे प्रोजेक्ट में कोरबा जिले के मालिकछार गाँव तक पहुंचाया जा चुका है। लेकिन घरों में कनेक्शन के लिए संसाधनों की व्यवस्था जारी है। अभी घरों में कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है।

प्रोफेसर डीएस मालिया ने बताया कि वर्ष 2023 में रायगढ़ जिला मुख्यालय से तकरीबन 120 किलोमीटर दूर घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे धरमजयगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले बोरला झरिया गांव से इस प्रयोग की शुरुआत की थी। शुरुआती प्रयास के बाद उन्होंने अपने सहयोगी आलोक शर्मा, प्रमोद चंदेल और गुलाब पटेल के साथ कोरबा जिले के मालिकछार गांव में भी माइक्रो हाइड्रो टरबाइन परियोजना शुरू की। यहां झरने के पानी से करीब 10 किलोवॉट क्षमता की बिजली उत्पादन व्यवस्था तैयार की गई। टरबाइन स्थल से लगभग 1800 मीटर दूर स्थित गांव तक भूमिगत केबल के जरिए बिजली पहुंचाया। कोरबा जिले के माली कछार गांव में टर्बाइन से पहली बार बिजली पहुंचने पर गांव के लोगों ने डी जे बजाकर खुशी मनाई गई। साथ ही प्रोफेसर डीएस मालिया और उनकी टीम का आभार भी जताया था।

साथियों और गांव ने लोगों ने किया सहयोग
उन्होंने बताया कि मालिकछार तक बिजली उत्पादन का सिस्टम पहुंचाना और उसे स्थापित करना आसान नहीं था। पहाड़ी क्षेत्र में सड़क और परिवहन की सीमित सुविधा के कारण पाइप, टरबाइन और अन्य उपकरण पहुंचाने में मुश्किलें आईं। ऐसे में साथियों और गांव के ग्रामीणों ने उनका साथ दिया। इस दौरान उन्होंने किसी भी सरकारी योजना या एनजीओ से फंडिंग नहीं लिया।

2024 में शुरू हुआ बिजली उत्पादन
प्रोफेसर डीएस मालिया ने बताया कि धरमजयगढ़ क्षेत्र के सलियारी झरने में 12 महीना पानी बहते रहता है। इसलिए उन्होंने टरबाइन परियोजना के लिए इसका चयन किया। झरने की ऊंचाई समुद्र तल से करीब 537 मीटर जबकि झरने की ऊंचाई 111 फीट है। यहां सालभर पानी उपलब्ध रहने की संभावना इस तरह की माइक्रो हाइड्रो परियोजना के लिए महत्वपूर्ण है। बहते पानी से टरबाइन चलती है और उससे जनरेटर के माध्यम से बिजली पैदा की जाती है। जून 2023 में काम शुरू किया गया था और 17 फरवरी 2024 से नियमित बिजली उत्पादन शुरू हुआ। टरबाइन से करीब 1800 मीटर दूर गांव तक भूमिगत केबल बिछाकर बिजली पहुंचाया गया।

कई और गांव में बिजली पहुंचाने की तैयारी
प्रोफेसर डीएस मालिया ने बताया कि मालिकछार गांव में करीब 57 घर हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक घर में पांच बल्ब और पंखे व टेलीविजन के उपयोग के लिए कनेक्शन देने की बात कही गई है। गांव के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र को भी बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इन सुविधाओं से बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों के दैनिक जीवन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सभी 57 घरों, स्कूल और आंगनबाड़ी में कनेक्शन चालू होने की बात कही जा रही है। वहीं आने वाले समय में गंवरडांड़, चांपकछार,छुहीपहाड़ और सिरडाही गांव में भी बिजली पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

प्रशासनिक अधिकारी कर चुके हैं अवलोकन
प्रोफेसर डीएस मालिया ने बताया कि उनका उद्देश्य उन दूरस्थ पहाड़ी गांवों में स्थानीय जल संसाधनों का उपयोग करना है, जहां बिजली ग्रीड पहुंचाना फिलहाल कठिन है। उन्होंने वन अधिकार कानून, 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधन अधिकार प्राप्त गांवों में उपलब्ध जल संसाधनों का उपयोग कर ऐसी परियोजनाएं विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने की बात कही है। उनके इस काम की सराहना रायगढ़ व कोरबा जिले के कलेक्टर, डीएफओ समेत अन्य अधिकारियों को दी है। यहीं नहीं अधिकारियों ने उनके प्रोजेक्ट को जमीनस्तर पर भी जाकर देखा भी है।

गांव की समस्या देखकर बनाया ड्रीम प्रोजेक्ट
प्रोफेसर डीएस मालिया ने बताया कि यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है 2003 में मैंने हमारे कालेज के छात्र छात्राओं का इस गांव में शिविर लगाया था तभी वहां के लोगों की समस्याओं को नजदीक से देख अनुभव किया कि कैसे आजादी के इतने वर्षों बाद भी बिना सड़क पानी और बिजली के लोग जीवन जी रहे हैं और तभी से ठान लिया कि कुछ करना है और फिर दिमाग में आया क्यों ना स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर बिजली उत्पादन किया जाए और फिर हमर गांव हमर बिजली कांसेप्ट बनाया और बस काम शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

कानपुर: छेड़छाड़ और उत्पीड़न पर बिल्कुल न रहें चुप, एडीसीपी स्नेहा तिवारी ने छात्राओं को किया जागरूक

27 Oct 2026

अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने का असर, अयोध्या के शांतिपुरम में ट्रैक्टर से हटाया जा रहा मलबा

27 Oct 2026

विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटा रालोद, अयोध्या में बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर

27 Oct 2026

हमीरपुर: बिहार से पकड़ा हत्या का फरार आरोपी, पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

गोरखपुर: विष्णु महायज्ञ के दूसरे दिन हवन-पूजन, भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

27 Oct 2026
विज्ञापन

सोलन: कंडाघाट में शिव कथा के दौरान धूमधाम से मनाया मां पार्वती का जन्मोत्सव

27 Oct 2026

उरई: गोखले नगर में मामूली विवाद में भिड़े दो भाई, लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती

27 Oct 2026
विज्ञापन

पानीपत में पांच लाख की लूट की झूठी कहानी का भंडाफोड़, पुरानी रंजिश में मारपीट को दिया था डकैती का रूप

27 Oct 2026

ऊना: एनएसएस शिविर के छठे दिन स्वयंसेवियों ने ढोखीलां गांव में चलाया स्वच्छता अभियान

27 Oct 2026

ऊना: एचआरटीसी पेंशनरों की चेतावनी, मांगें पूरी नहीं हुईं तो 3 नवंबर से निगम मुख्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव

27 Oct 2026

गोरखपुर: इनरव्हील क्लब का 30वां मधुरम्-दीपावली मेला संपन्न

27 Oct 2026

सहपऊ में कपड़े के शोरूम में लगी आग

27 Oct 2026

पुरानी रंजिश को लेकर गोलीबारी, तीन घायल, एक के पैर में लगी गोली; VIDEO

27 Oct 2026

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अंतर विश्वविद्यालय हॉकी प्रतियोगिता, VIDEO

27 Oct 2026

कानपुर: घाटमपुर में डिजिटल फसल सर्वे में गड़बड़ी, खेतों में ज्वार की फसल, ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज हुआ धान

27 Oct 2026

लखीमपुर खीरी: कर्मचारियों की हड़ताल से खाद वितरण प्रभावित, किसान परेशान

27 Oct 2026

वीडियो: गाजियाबाद के साहिबाबाद में एक होटल में लगी आग

27 Oct 2026

बालोद में जमही टोल प्लाजा पर बवाल: टोल वसूली के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन; 72 घंटे का अल्टीमेटम

27 Oct 2026

हरियाणा में दिखेगा चक्रवात अर्नब का असर 29 अक्टूबर को बारिश का यलो अलर्ट

अतरौली के जनकपुर की दो बहनें सांकल बनाकर रोजाना कमा रहीं 600 रुपये

27 Oct 2026

फर्रुखाबाद: कायमगंज में डीजीजीआई की रेड, तंबाकू कारोबारी के आवास पर छापेमारी

27 Oct 2026

पंजाब में 29-30 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट, 40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

हमीरपुर: जसकोट हेलीपोर्ट पहुंचे सीएम सुक्खू, मेडिकल कॉलेज के अकादमिक ब्लॉक का करेंगे उद्घाटन

हमीरपुर में पुलिस भर्ती शुरू, पहले दिन 1600 पुरुष अभ्यर्थियों का शारीरिक परीक्षण

कानपुर के शिवराजपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का भव्य आयोजन

27 Oct 2026

विकास के दावों में डूबा अयोध्या का देवकाली, गड्ढों में तब्दील सड़कें, घरों में कैद होने को मजबूर लोग

27 Oct 2026

रायबरेली में नलकूप की मोटर खराब, तीन हजार की आबादी में पेयजल संकट गहराया

27 Oct 2026

कानपुर: विद्यार्थी मार्केट में पार्क व दुकानों पर तकरार, विधायक महेश त्रिवेदी का सख्त रवैया

27 Oct 2026

शाहजहांपुर: डूडा के खिलाफ महिलाओं ने शुरू की भूख हड़ताल, पात्रों के आवास निरस्त करने का आरोप

27 Oct 2026

शाहजहांपुर: धम्म देशना और कठिन चीवरदान महोत्सव का भव्य समापन, यात्रा में उमड़े लोग

27 Oct 2026
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed