कोरबा जिले में सोमवार दोपहर से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। नगर निगम क्षेत्र के दादर नाला, मानिकपुर, डिपरा पारा बाईपास और पोड़ीबहार नाला में अचानक जलस्तर बढ़ गया, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
झमाझम बारिश के चलते दादर नाला किनारे बसे करीब आधा दर्जन घर डूबान की स्थिति में आ गए। कई घरों में पानी घुसने से सामान खराब हो गया। लोग घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश भी देखने को मिला।
नाला उफान पर होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई लोग नाले के दोनों किनारों पर फंसे रहे। इनमें स्कूली बच्चे, अस्पताल आने-जाने वाले मरीज और रोजमर्रा के काम से निकले लोग शामिल हैं। कई घंटों तक जाम में फंसे रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान दादर नाला और पोड़ीबहार नाला की यही स्थिति बनती है। थोड़ी तेज बारिश होते ही नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो जाता है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से हर साल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन नाले के पक्के निर्माण और चौड़ीकरण का काम अब तक नहीं हुआ।
इस दौरान नाला पार कर रहे कई बाइक और एक्टिवा सवार तेज बहाव में बहने से बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी का बहाव इतना तेज था कि कई दोपहिया वाहन अनियंत्रित हो गए। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से नाले का पक्का निर्माण कराने और पुलिया को ऊंचा करने की मांग की है। वहीं, जिला प्रशासन ने भारी बारिश को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने और तेज बहाव वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।