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छत्तीसगढ़ की सियासत में बड़ा उलटफेर!: कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत के बड़े भाई गुरु ढाल दास कांग्रेस में शामिल
Fri, 11 Sep 2026 04:57 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 11 Sep 2026 04:57 PM IST
सार
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई गुरु ढाल दास साहेब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। पोला तिहार पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरु ढाल दास साहेब को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।
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कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत के बड़े भाई गुरु ढाल दास कांग्रेस में शामिल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई गुरु ढाल दास साहेब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। पोला तिहार पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरु ढाल दास साहेब को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। भूपेश बघेल ने खुशी जताते हुए कहा कि गुरु ढाल दास के शामिल होने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी और पार्टी अपने सिद्धांतों पर मजबूती से आगे बढ़ेगी। सतनामी समाज के गुरु और बड़े चेहरे का पार्टी में आना राजनीतिक गणित बदल सकता है।
छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 20 सीटों पर सतनामी समाज का दबदबा माना जाता है। राज्य की आबादी में अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है। इस वर्ग की अधिकांश आबादी मैदानी इलाकों में बसी है और बाबा गुरु घासीदास द्वारा स्थापित सतनामी संप्रदाय में बहुत आस्था रखती है। राज्य में भले ही चुनाव अभी दो साल दूर हों, लेकिन अभी से सियासी उठापटक शुरू हो चुकी है। गुरु ढाल दास के परिवार की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए कांग्रेस में उनका जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अहम सियासी घटनाक्रम
चुनावी आंकड़े बताते हैं कि 2013 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस से 10 सीटें ज्यादा मिली थीं। इसके बाद, 2018 के चुनाव में कांग्रेस को 71 और भारतीय जनता पार्टी को 14 सीटें प्राप्त हुई थीं। ऐसे में इस बड़े सामाजिक वर्ग को साधने की कोशिशों के बीच गुरु ढाल दास का कांग्रेस में शामिल होना बेहद अहम सियासी घटनाक्रम माना जा रहा है।
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छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 20 सीटों पर सतनामी समाज का दबदबा माना जाता है। राज्य की आबादी में अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है। इस वर्ग की अधिकांश आबादी मैदानी इलाकों में बसी है और बाबा गुरु घासीदास द्वारा स्थापित सतनामी संप्रदाय में बहुत आस्था रखती है। राज्य में भले ही चुनाव अभी दो साल दूर हों, लेकिन अभी से सियासी उठापटक शुरू हो चुकी है। गुरु ढाल दास के परिवार की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए कांग्रेस में उनका जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अहम सियासी घटनाक्रम
चुनावी आंकड़े बताते हैं कि 2013 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस से 10 सीटें ज्यादा मिली थीं। इसके बाद, 2018 के चुनाव में कांग्रेस को 71 और भारतीय जनता पार्टी को 14 सीटें प्राप्त हुई थीं। ऐसे में इस बड़े सामाजिक वर्ग को साधने की कोशिशों के बीच गुरु ढाल दास का कांग्रेस में शामिल होना बेहद अहम सियासी घटनाक्रम माना जा रहा है।
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