गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दशहरा की रात कई सड़क हादसों के नाम रही। त्योहार की खुशियों के बीच अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर स्थित सिम्स रेफर किया गया है। वहीं, करीब 19 घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है।
दशहरा की रात हुए अधिकांश हादसों में बाइक सवार घायल हुए हैं। कई लोग दशहरा मेले से लौटते समय दुर्घटनाओं का शिकार हुए, जबकि कुछ लोगों के नशे की हालत में गिरने से चोटिल होने की जानकारी भी सामने आई है। रातभर सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के जिला अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। घायलों को कुछ लोग निजी वाहनों से, तो कुछ को 112 और 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
दो युवकों की मौत से परिवारों में मातम
मरवाही क्षेत्र के पास हुए हादसे में चंगेरी निवासी सूरज केवट गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसी तरह रामगढ़ निवासी राजेश्वर सिंह गांव में किसी परिचित की बाइक लेकर निकला था। इसी दौरान उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल राजेश्वर की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। दोनों युवकों की मौत से उनके परिवारों में शोक का माहौल है।
तीन गंभीर घायलों को सिम्स किया गया रेफर
दशहरा की रात अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों के बाद जिला अस्पताल में घायलों की भीड़ पहुंची। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। वहीं, करीब 19 घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकों के मुताबिक, भर्ती घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
इधर, पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा और पोस्टमार्टम संबंधी कार्रवाई पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस दुर्घटनाओं के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है। दशहरा की खुशियों के बीच हुए इन हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाले खतरों की ओर ध्यान खींचा है।