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छत्तीसगढ़ में साय मंत्रिमंडल का विस्तार, रेस में अंबिकापुर के विधायक का भी नाम
छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के तीन विधायक 20 अगस्त को मंत्री पद का शपथ लेंगे, इनमें अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल का भी नाम शामिल है। राजेश अग्रवाल का मंत्री पद के लिए नाम शामिल किए जाने पर अंबिकापुर विधानसभा में जश्न का माहौल है।लखनपुर में भाजपाइयों ने लड्डू बांट जश्न मनाना प्रारंभ कर दिया है,वही अंबिकापुर,लखनपुर,उदयपुर के कई भाजपा जनप्रतिनिधि रायपुर के लिए रवाना हो गए हैं। राजेश अग्रवाल, जो पूर्व में कांग्रेस से जुड़े थे,बाद में वह भाजपा में शामिल होकर 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को मात्र 94 वोटों से पराजित कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। भाजपा में शामिल होने के बाद से ही उनके मंत्री बनने की अटकलें तेज थीं, जो अब साकार हो रही हैं।लगभग डेढ़ वर्ष के इंतजार के बाद राजेश अग्रवाल को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने पर अंबिकापुर विधानसभा में जश्न का माहौल है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और शुभकामनाएं दीं। परिवारजनों ने भी इस उपलब्धि को गौरवपूर्ण क्षण बताया। राजेश अग्रवाल के मंत्री बनने से अंचल में विकास की नई उम्मीदें जुड़ गई हैं। क्षेत्रीय जनता अब उनके नेतृत्व में स्थानीय मुद्दों के समाधान और प्रशासनिक सुधार की अपेक्षा कर रही है। अंबिकापुर विधानसभा से भाजपा विधायक राजेश अग्रवाल कांग्रेस संगठन से नाराज होकर कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। राजेश अग्रवाल लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और लखनपुर क्षेत्र में कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते थे। 2009 के निकाय चुनाव में टिकट न मिलने पर उन्होंने बगावत कर दी थी। निर्दलीय नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा। वह महज एक वोट के अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार से चुनाव हार गए थे। साल 2014 में कांग्रेस ने उन्हें नगर पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिया और वह नगर पंचायत अध्यक्ष बने थे।नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस संगठन से नाराजगी के कारण राजेश अग्रवाल ने वर्ष 2017 में कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा से अंबिकापुर
विधानसभा के लिए दावेदारी की थी, लेकिन भाजपा ने फिर से अनुराग सिंहदेव को प्रत्याशी बनाया था। वही 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें अंबिकापुर सीट से टिकट दिया। विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने कांग्रेस के नेता पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव महज 94 वोटों से मात दे जीत दर्ज की थी। राजेश अग्रवाल मारवाड़ी समाज से आते हैं। उनके पिता चांदी राम अग्रवाल लखनपुर के बड़े व्यापारी थे। जब आवागमन की सुविधाएं कम हुआ करती थी तो उनके पिता का कारोबार लखनपुर के साथ ही उदयपुर क्षेत्र तक फैला हुआ था। लोगों का खुलकर सहयोग करने के कारण उनकी क्षेत्र में खासी पकड़ थी। साय सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलें 20 अगस्त को मंत्रिमंडल का औपचारिक गठन के साथ खत्म हो जाएगी,जिसमें अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल को भी मंत्री पद के शपथ के लिए शामिल किया गया है। इस निर्णय के साथ ही क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल है।
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