छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेंद्रगढ़ में करण राठौर हत्याकांड में प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सात आरोपियों को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों को बलवा के अपराध में दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से भी दंडित किया है। वहीं, एक अन्य आरोपी प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को बीएनएस की धारा 249 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया।
विवाद के दौरान चाकू से किया था हमला
प्रकरण के अनुसार, 5 सितंबर 2025 की रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच मनेंद्रगढ़ के बताशा लाइन स्थित हनुमान मंदिर के सामने गली में विवाद हुआ था। इस दौरान करण राठौर पर चाकू से प्राणघातक हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था।
सात आरोपियों को आजीवन कारावास
न्यायालय में सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर रितिक मिश्रा, सचिन जैन, राशिद खान, अमन केंवट उर्फ बुटई, भावेश पाटिल, रौनिल मिश्रा उर्फ कुक्कू और मो. अकरम उर्फ अक्कू को दोषसिद्ध पाया गया। न्यायालय ने सातों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(3) के तहत दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, हत्या के अपराध में आजीवन कारावास और 1,000-1,000 रुपये अर्थदंड लगाया गया है। न्यायालय के आदेश के अनुसार, दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
मृतक के माता-पिता को मिलेगा प्रतिकर
न्यायालय ने कुल 10,500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। आदेश के मुताबिक, राशि जमा होने पर इसमें से 10,000 रुपये मृतक करण राठौर के माता या पिता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे, जबकि शेष 500 रुपये शासन के पक्ष में जमा होंगे। वहीं, आरोपी प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को बीएनएस की धारा 249 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया। अभियोजन पक्ष आरोप को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित नहीं कर सका, जिसके चलते न्यायालय ने उसे संदेह का लाभ दिया।
न्यायालय में पेश करते हुए आरोपियों की वीडियो- फोटो : credit