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साहब... मैं पत्नी से बहुत प्यार करता हूं, उसे नहीं मार सकता, फिर गले लगकर खूब रोया, खौफनाक थी वारदात, तस्वीरें

गैंगवार में छह हत्याएं: तेरहवीं के दिन हुई थी खौफनाक वारदात, सीने में उतार दी थीं 50 गोलियां, अब 18 लोगों को मिली क्लीनचिट

मेरठ में प्रमोद भदौड़ा की हत्या के मामले में कुख्यात उधम सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज चौधरी सहित 18 लोगों को क्लीन चिट मिल गई है। चर्चा है कि इस हत्याकांड में योगेश भदौड़ा और उधम सिंह के बीच समझौता हो गया है। इसके बाद हत्याकांड में बने आरोपियों के खिलाफ किसी ने गवाही नहीं दी।

अपर जिला जज मोहम्मद आजाद की कोर्ट ने प्रमोद भदौड़ा हत्याकांड में उधम सिंह, उधम सिंह की माता सुमित्रा देवी, मामा चंद्रपाल, भांजा अर्जुन, अनुज, अंकित, सोनू गुर्जर, पवन, मनीष, शरणवीर, वीरेंद्र राठी, सुनील भगत, अनुज प्रमुख वजीदपुर बागपत सहित 18 आरोपियों को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए बरी किया।

अधिवक्ता अमरपाल सिंह भट्टल ने बताया वादी योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन ने सरूरपुर में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें बताया गया कि उसके जेठ प्रमोद भदौड़ा और उधम सिंह में रंजिश चली आ रही थी। इसके चलते हत्या हुई थी। इस मुकदमे में कविता और उषा सहित 12 गवाह पेश हुए थे। इसमें से स्वतंत्र गवाह मुकर गए। न्यायालय ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

योगेश-उधम में समझौते की रखी गई नींव
शातिर अपराधी योगेश और उधम के बीच समझौते की नींव रखी गई है। बताया है कि दोनों अपराधियों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे में वह एक-दूसरे के पक्ष में बयान दे रहे हैं। चश्मदीद गवाह घटना से मुकर गए हैं। दोनों अपराधी एक दूसरे के पक्ष में गवाही देकर मुकदमे छुड़वाने से लगें है।

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आखिर खत्म हुआ खौफ: कुख्यात मुकीम काला ने की थीं ये बड़ी वारदातें, मुठभेड़ में ढेर हो चुके उसके कई साथी, पढ़िए पूरा क्राइम रिकॉर्ड

बात 2015 की है, जब कुख्यात मुकीम काला गैंग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा हरियाणा और पंजाब तक वारदात कर दहशत पैदा कर दी थी। सहारनपुर के तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में डकैती, सिपाही राहुल ढाका की हत्या और कैराना (शामली) में व्यापारियों से रंगदारी मांगने व हत्या करने के बाद मुकीम काला गैंग पुलिस के रडार पर आ गया। गैंग में 20 से ज्यादा बदमाश हैं, जिनमें कई बदमाश पुलिस मुठभेड़ों में ढेर हुए तो, कई जेलों में बंद हैं। 

मुकीम काला गैंग ने 15 फरवरी 2015 को सहारनपुर के तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में डकैती डाली थी, जबकि उसी दरमियान तीतरो में दो सगे भाइयों की हत्या और सहारनपुर शहर में सिपाही राहुल ढाका की हत्या कर दी थी। बाद में 20 अक्तूबर 2015 को एसटीएफ ने मुकीम काला और उसके शार्प शूटर साबिर जंधेड़ी को गिरफ्तार किया। साबिर जंधेड़ी बाद में बाराबंकी जेल से न्यायालय ले जाते समय पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इस दौरान मुकीम काला और इसके गिरोह के बदमाशों को कुछ राजनीतिक लोगों का संरक्षण भी मिल रहा था, जिस कारण इस गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो रही थी।
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मुकीम काला और चित्रकूट जेल का फाइल फोटो मुकीम काला और चित्रकूट जेल का फाइल फोटो

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मेरठ: महिला की गला दबाकर हत्या, शादी के बाद से ही पति से चल रहा विवाद

मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची और महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

ये है मामला
ज्योति (27 वर्ष) पुत्री जगदीश निवासी पांचली खुर्द की शादी पांच नवंबर 2020 को गांव डालमपुर में चकित पुत्र स्वर्गीय राजकुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद रहता था। बताया गया कि कुछ दिन पहले ही हिस्सा मांगने को लेकर ज्योति का अपने पति से जमकर विवाद हुआ था। इसके बाद फैसला किया था कि चकित ज्योति को एक लाख रुपये देगा और ज्योति अपने घर चली जाएगी।

बता दें कि रुपये देने का समय तीन मई का था लेकिन, उससे पहले ही महिला की गला दबाकर हत्या कर दी गई। उधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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यूपी: मेरठ में फिर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का भंडाफोड़, दबोचे गए तीन शातिर, खुलेंगे बड़े राज

उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में सुभारती मेडिकल कॉलेज में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का मामला शांत भी नहीं हुआ कि अब नौचंदी क्षेत्र में ऐसे ही खेल का भंडाफोड़ हुआ। नौचंदी और सर्विलांस टीम ने आरटीओ पुल के पास तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये लोग 45 हजार रुपये में इंजेक्शन की डील कर रहे थे। तीनों मेडिकल क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनके पास से तीन रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए हैं। मुख्य आरोपी फरार है। वह क्षेत्र के एक अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर इंचार्ज बताया जा रहा है।

सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि नौचंदी क्षेत्र में एक अस्पताल के कुछ कर्मचारी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में लिप्त हैं। जल्द ही वे कुछ इंजेक्शन का सौदा करने वाले हैं। नौचंदी पुलिस और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया। टीम को भनक लगी कि मंगलवार को आरटीओ पुल के पास डील होनी है। इंस्पेक्टर प्रेमचंद शर्मा के नेतृत्व में टीम पहुंची और तीन लोगों को पकड़ा गया। मौके पर ही उनके पास से तीन इंजेक्शन मिले।  

बता दें कि पकड़े गए आरोपियों में अदनान पुत्र जहीरूद्दीन, आफताब पुत्र इसरार निवासी के. ब्लॉक लोहिया नगर थाना खरखौदा और हाशिम पुत्र सिराजुद्दीन निवासी मोमिन नगर फतेल्लापुर रोड थाना लिसाड़ी गेट हैं। 

सीओ के मुताबिक, मुख्य आरोपी ताजिम पुत्र तनवीर निवासी मोहल्ला बनियापाड़ा थाना कोतवाली है। वह शुभकामना अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर इंचार्ज बताया गया है। ताजिम मुख्य आरोपी है और अभी फरार है।

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रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी से जुड़ा एक इनपुट पुलिस के हाथ लगा था, इस पर काम करते हुए तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। - अजय साहनी, एसएसपी

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मेरठ में वारदात: शिक्षिका से लूटे 1.35 लाख रुपये, बदमाश फरार, जांच में जुटे पुलिस अफसर

इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में पकड़े गए आरोपी। संवाद
मेरठ के शास्त्री नगर में बदमाशों ने पति के साथ बाइक पर जा रही शिक्षिका रश्मि से 1.35 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। वारदात के बाद बदमाश फरार हो गए। पुलिस घटना को छिपाने का प्रयास करती रही। काफी जद्दोजहद के बाद बैग चोरी का केस दर्ज कर दिया गया।

शास्त्री नगर स्थित कुटी चौराहा निवासी रश्मि देवी सेठ बीके महेश्वरी स्कूल में शिक्षिका हैं। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे बजे वह पति धर्मेंद्र सिंह के साथ बैंक से 1.30 लाख रुपये लेकर घर लौट रही थी। पांच हजार रुपये शिक्षिका के बैग में पहले से ही रखे थे। गांधी आश्रम के पास बाइक पर सवार दो बदमाशों ने शिक्षिका से नोट से भरा बैग छीन लिया। दंपती ने शोर मचाया तो लोगों की भीड़ लग गई। उन्होंने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए।

घटना की जानकारी के बाद नौचंदी थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस ने बदमाशों की तलाश करने की बजाय दंपती से ही सवाल जवाब शुरू कर दिए। काफी जद्दोजहद के बाद देर रात चोरी का केस दर्ज किया गया। पुलिस के रवैये से पीड़ित परिवार में रोष है। वहीं, सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह का कहना है कि इस मामले जांच कराई जाएगी।

चोरी का मुकदमा, पैसे भी नहीं खोले
नौचंदी थाने में लूट की वारदात को चोरी में लिखा गया है। इसमें 1.35 लाख की धनराशि भी नहीं खोली है। पुलिस वारदात के खुलासे की जगह उसे दबाने का प्रयास कर रही है।

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बैंक से क्यों निकाले पैसे
शिक्षिका ने बताया कि नौचंदी पुलिस उन्हीं को धमका रही है। उनसे कह रही है कि बैंक से पैसे क्यों निकाले हैं। एटीएम से निकालने चाहिए थे। शिक्षिका के पति ने बताया कि उनका शास्त्री नगर में मकान बन रहा है। इसमें पैसे की जरूरत थी।

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मेरठ: छत उखाड़कर लाखों की चोरी, दुकान मालिक के पैरों तले से खिसकी जमीन, ये है पूरा मामला

मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र हुमायूंनगर स्थित किराना स्टोर की छत उखाड़कर अज्ञात चोरों ने ड्राईफूड और नकदी सहित लाखों रुपए की चोरी कर ली। बुधवार सुबह दुकान मालिक ने जब दुकान खोली तो उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।

बुधवार लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र हुमायुंनगर निवासी अनीस की मकान से थोड़ी दूरी पर हुमायूनगर में अनीस किराना स्टोर के नाम से किराने के सामान की थोक की दुकान है। मंगलवार रात करीब आठ बजे अनीस अपनी दुकान बंद करके घर चला गया था।

बुधवार सुबह अनीस ने जब दुकान खोली तो उसके पैरों के तले से जमीन खिसक गई। अनीस ने देखा कि चोरों ने दुकान की छत को काटकर दुकान में रखे ड्राईफूड घी के कनस्तर व तेल के कनस्तर सहित अन्य कीमती सामान और 65 हजार रुपये की नकदी चोरी कर ली थी। अनीस ने मामले की जानकारी डायल 112 को दी। 

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सूचना पाकर मौके पर पहुंची डायल 112 ने जांच करने के बाद अनीस से थाने में तहरीर देने की बात कही। इस दौरान अनीस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ थाने पहुंचकर तहरीर दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने चोरों की तलाश शुरू कर दी है।

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पंचायत चुनाव: प्रधान प्रत्याशियों को शराब सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 13 आरोपी दबोचे, ऐसे चल रहा था बड़ा खेल

मेरठ में पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशियों को अवैध शराब सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। इसके 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से 200 लीटर अपमिश्रित शराब, 30 पेटी, 800 पव्वे और कुछ शराब ड्रम में मिली है। इसके साथ ही 350 लीटर एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल (ईएनए) बरामद किया गया है। ईएनए शराब बनाने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। गिरोह के कुछ अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

एसएसपी अजय साहनी ने मंगलवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि भावनपुर के स्याल गांव में अवैध शराब बनाई जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर भावनपुर थाना पुलिस और एसओजी टीम ने स्याल गांव में छापा मार दिया। यहां से पांच आरोपी पकड़े गए। इसके बाद आठ अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों ने बताया कि कुछ प्रधान प्रत्याशियों और अन्य लोगों को यह शराब सप्लाई होनी थी। एसएसपी ने बताया कि प्रधान पद के प्रत्याशी कम कीमत में यह शराब
खरीद रहे थे। पुलिस ने प्रधान प्रत्याशियों को चेतावनी दी है कि अगर चुनाव के दौरान अवैध शराब का प्रयोग किया या शराब पार्टी का आयोजन किया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

पुलिस के मुताबिक, प्रेमपाल निवासी आई ब्लॉक गंगानगर, अजीत सिंह, अनुज, निवासी स्याल भावनपुर, सुधीर कुमार निवासी रुकनपुर भावनपुर, सैफुद्दीन निवासी जमुनानगर खरखौदा शराब बनाते हुए पकड़े गए। अन्य आरोपी इनके साथ काम करते रहे हैं।

इन लोगों को सप्लाई की गई शराब
मुकुल शर्मा उर्फ बब्बू निवासी साधारणपुर इंचौली, रिंकू शर्मा निवासी किनानगर भावनपुर,  किशोर कुमार निवासी नगला सिखेड़ा इंचोली, सुरजीत सिंह और रतन सिंह निवासी सिखेडा इंचौली, पप्पू उर्फ राज सिंह निवासी मारकपुर भावनपुर,  सुखविंदर निवासी स्याल भावनपुर और राजू उर्फ राजकुमार निवासी स्याल भावनपुर।

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इन आरोपियों की है तलाश
परविंदर निवासी सराय काजी मेडिकल, हिमांशु निवासी जटवाड़ा थाना देहली गेट, रिंकू निवासी नबीपुर इंचौली और रविंद्र निवासी स्याल भावनपुर।

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मेरठ में 44 करोड़ की जीएसटी की चोरी का मामला: आरोपी को कोर्ट में किया पेश, फिर भेजा जेल

मेरठ में न्यायिक रिमांड मजिस्ट्रेट (सीजेएम प्रथम) जयवीर सिंह ने 44 करोड़  रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में आरोपी नरेश कुमार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गाजियाबाद के संजय नगर निवासी नरेश कुमार पर जीएसटी चोरी के लिए फर्जी फर्मों के नाम पर बिलिंग का आरोप है। इस मामले में जीएसटी विभाग की ओर से गठित जांच टीम ने मेरठ और गाजियाबाद में फर्जी फर्मों का सत्यापन किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार नरेश कुमार ने मैसर्स आरपी स्टील एंड आयरन ट्रेडर्स के नाम से फैक्टरी बना रखी थी। विभाग को सूचना मिली कि आरोपी द्वारा टैक्स चोरी की जा रही है। इस पर सेंट्रल जीएसटी कमिश्नर आलोक झा के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा था। इसमें पता चला था कि इनपुट टैक्स क्रेडिट के नाम पर बड़े स्तर पर जीएसटी चोरी की गई। जांच टीम ने बुधवार शाम आरोपी को 
स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। 

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जीएसटी विभाग के मुताबिक, बीते तीन साल में हजारों करोड़ की कर चोरी हो चुकी है। मास्टर माइंड नरेश ने सिर्फ गाजियाबाद की 40 फर्मों को 284 करोड़ रुपये की बिलिंग की। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि नरेश ने मेरठ सहित अन्य जगहों पर फर्मों को दर्शाकर बिलिंग की गई। कोरोना महामारी के कारण कुछ बिंदुओं की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इसके बाद और खुलासा हो सकेगा।

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